नई दिल्ली।

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी अपनी नई किताब 'बिलॉन्गिंग – ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging – A Journey of Love) को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। आगामी 10 नवंबर 2026 को लॉन्च होने जा रही इस किताब के आधिकारिक ऐलान के साथ ही सोनिया गांधी ने बेहद बेबाक अंदाज में अपनी जिंदगी के अनछुए पहलुओं पर बात की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने दो टूक कहा— "जब यह किताब आएगी, तो कुछ तमाशा होना तो तय है। आखिरकार दूसरों ने दशकों तक मेरी कहानी सुनाई है, अब मेरी बारी है।"

इस किताब में सोनिया गांधी ने न सिर्फ अपने व्यक्तिगत जीवन की यादें साझा की हैं, बल्कि देश की राजनीति को हिला देने वाले कई ऐतिहासिक घटनाक्रमों से पर्दा उठाया है। उन्होंने यह चौंकाने वाला खुलासा भी किया कि जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को देश की कमान सौंपी जा रही थी, तब वे इसके सख्त खिलाफ थीं।

"मैं कभी नहीं चाहती थी कि राजीव प्रधानमंत्री बनें"

सोनिया गांधी ने अपने वीडियो में 1984 के उस दौर को याद किया जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा रही थी। सोनिया गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें। उन्होंने राजनीति के उस दौर में परिवार पर मंडराते खतरों और अपने व्यक्तिगत अंदेशों को लेकर इस फैसले का विरोध किया था।

गढ़कर और बढ़ा-चढ़ाकर लिखी गईं बातें: सोनिया गांधी

अपनी जिंदगी पर लिखी गई पिछली किताबों और लेखों पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि वर्षों से उनके बारे में जो कुछ भी लिखा गया, उसमें से बहुत कुछ तथ्यात्मक रूप से सही नहीं था।

वीडियो में जब उनसे पूछा गया कि "जीवन भर दूसरों द्वारा लिखे जाने के बाद अपनी कहानी खुद लिखने का अनुभव कैसा रहा?" तो सोनिया गांधी ने जवाब दिया:

"मुझे नहीं पता कि मुझे पूरी कहानी बतानी चाहिए या नहीं, लेकिन मुझे लगा कि मेरे बारे में बहुत कुछ लिखा गया है और उसमें से काफी कुछ सही नहीं था। बहुत-सी बातें या तो गढ़कर लिखी गई थीं या फिर उन्हें बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। इसीलिए मुझे लगा कि अब मैं अपनी कहानी खुद लिख सकती हूँ—उन तथ्यों और घटनाओं को ठीक वैसे ही बता सकती हूँ, जैसी वे असलियत में थीं।"

"यह मेरा वर्जन नहीं, मेरी अपनी कहानी है"

अपनी किताब के प्रभाव और लोगों की प्रतिक्रियाओं पर बात करते हुए सोनिया गांधी ने स्पष्ट किया, "मैं इसे अपना वर्जन (Version) नहीं कहूंगी, बल्कि अपनी कहानी कहूंगी। सार्वजनिक जीवन में लोगों के अलग-अलग विचार होते हैं। हो सकता है कि यह किताब पढ़कर कुछ लोग मेरे बारे में अपनी राय बदल लें, और यह भी संभव है कि कुछ लोगों की राय मेरे प्रति और खराब हो जाए। लेकिन public life में ऐसा ही होता है।"

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कैंब्रिज के ग्रीक रेस्टोरेंट से शुरू हुआ प्यार का सफर

'एक्स' (X) पर शेयर किए गए अपने पहले वीडियो पोस्ट में सोनिया गांधी ने राजीव गांधी के साथ अपनी पहली मुलाकात और प्रेम कहानी की शुरुआत के खूबसूरत पलों को याद किया। उन्होंने भावुक अंदाज़ में लिखा:

"कैंब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्टोरेंट में मेरी लव स्टोरी का सफर शुरू हुआ था। राजीव और मैंने एक साथ प्यार, हंसी और यादों से भरी एक खूबसूरत दुनिया बनाई थी। 10 नवंबर को मैं उस दुनिया को आप सभी के साथ साझा करने जा रही हूँ।"

सोनिया गांधी की यह किताब आगामी 10 नवंबर को बाजार में आ रही है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों और साहित्यिक हलकों में अभी से भारी उत्सुकता और हलचल देखी जा रही है।

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