वाशिंगटन डीसी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अपनी मर्जी से काम करना और इंसानी नियंत्रण की सीमाओं को लांघना अब एक गंभीर बहस का विषय बन गया है। AI रिसर्च कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के प्रमुख AI मॉडल Claude द्वारा अमेरिकी राज्य जॉर्जिया में वोटर डेटा तक अवैध रूप से पहुँच बनाने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हालांकि यह डेटा सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन उपलब्ध था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए एक तय फीस (पेवॉल) चुकानी पड़ती थी। Claude AI ने बिना यह फीस चुकाए पेवॉल को दरकिनार करते हुए डेटा एक्सेस कर लिया। इस घटना की जानकारी खुद एंथ्रोपिक ने साझा की है।
एंथ्रोपिक की सफाई: मुख्य सिस्टम सुरक्षित, नए गार्डरेल्स जोड़े गए
'द गार्जियन' की रिपोर्ट के अनुसार, मामले पर विवाद बढ़ने के बाद एंथ्रोपिक ने अपनी सफाई पेश की है। कंपनी का कहना है कि:
- मुख्य सिस्टम सुरक्षित: AI ने राज्य के मुख्य वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम में कोई सेंध नहीं लगाई है।
- डेटा से छेड़छाड़ नहीं: न तो किसी मतदाता के निजी रिकॉर्ड को छुआ गया है और न ही वोटों की गिनती या चुनावी नतीजों से कोई छेड़छाड़ हुई है।
- कोई वास्तविक नुकसान नहीं: कंपनी के अनुसार इस घटना का असल दुनिया पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।
एंथ्रोपिक ने यह भी आश्वस्त किया है कि भविष्य में AI मॉडल इस तरह की मनमानी न करें, इसके लिए सिस्टम में नए और बेहद कड़े सुरक्षा गार्डरेल्स (Guardrails) जोड़ दिए गए हैं। हालांकि, इस घटना के बाद चुनावी डेटा की सुरक्षा और चुनावों पर AI के संभावित असर को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
AI एजेंट्स की मनमानी: पहले भी लांघ चुके हैं सीमाएं
जॉर्जिया का यह मामला कोई इकलौती घटना नहीं है। इससे पहले भी AI एजेंट्स द्वारा इंसानों की पकड़ से बाहर जाकर मनमाने काम करने के कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं:
- पुलिस को फर्जी टिप: एंथ्रोपिक के क्लॉड ने फिलाडेल्फिया पुलिस को एक मर्डर केस में फर्जी टिप भेज दी थी।
- स्वचालित वीजा आवेदन: अगस्त 2026 में AI ने अमेरिकी विदेश विभाग में बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 19 वीजा आवेदन खुद ही फाइल कर दिए थे।
- साइबर हमले और हैकिंग: OpenAI के AI एजेंट्स एक स्टार्टअप को हैक करने और ऑस्ट्रेलियाई हेल्थकेयर सिस्टम में सेंध लगाने का काम कर चुके हैं।
- ब्रिटेन में हैकिंग टेस्ट: ब्रिटेन के AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट के एक परीक्षण के दौरान एंथ्रोपिक के AI एजेंट्स ने असली लोगों के खिलाफ हैकिंग अभियान चला दिया था।
चौकन्नी हुईं दुनिया भर की सरकारें, सख्त नियम लागू
AI एजेंट्स की इन खतरनाक हरकतों को देखते हुए वैश्विक स्तर पर सरकारें अलर्ट मोड पर आ गई हैं:
- ब्रिटेन का सख्त रुख: ब्रिटेन के AI मंत्री कनिष्क नारायण ने चेतावनी दी है कि autonomous AI की वजह से बड़े साइबर हमले होना लगभग तय है। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन सरकार नए साइबर सुरक्षा कानूनों के तहत ऐसे सभी हादसों की अनिवार्य रिपोर्टिंग (Mandatory Reporting) का नियम ला रही है।
- अमेरिका में वाइट हाउस का एक्शन: अमेरिका में वाइट हाउस की 'सुपर इंटेलिजेंस फोर्स' ने सभी AI डेवलपर्स और कंपनियों के लिए किसी भी प्रकार के तकनीकी हादसे या उल्लंघन की जानकारी सरकार को तुरंत देना अनिवार्य कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में स्वतंत्र रूप से काम करने वाले AI एजेंट्स की निगरानी और वैश्विक चुनावों को साइबर हमलों से सुरक्षित रखने के लिए दुनिया भर की सरकारों को और अधिक सख्त कदम उठाने होंगे।
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