नई दिल्ली। देश में रासायनिक उर्वरकों से मुक्त टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार ने अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF) और प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में जानकारी दी गई कि देश में अब तक 24 लाख से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं। सरकार ने मिशन के तहत वर्ष 2030 तक 85 लाख किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु और आंकड़े
| प्रमुख क्षेत्र / योजनावर्तमान प्रगति व आंकड़े | |
| कुल प्राकृतिक किसान (NMNF) | 24 लाख से अधिक (2030 तक 85 लाख का लक्ष्य) |
| PGS-India प्रमाणन | 80,034 किसान पंजीकृत |
| प्रमाणित FPOs | 262 FPOs जुड़े (100 प्राकृतिक + 162 जैविक आधारित) |
| नमामि गंगे क्षेत्र | 45 जिलों के 777 क्लस्टरों में 97,125 किसान जुड़े (38,850 हेक्टेयर क्षेत्र कवर) |
केंद्रीय कृषि मंत्री के प्रमुख निर्देश और रणनीतियां
- वास्तविक आर्थिक लाभ का वैज्ञानिक मूल्यांकन: कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती को केवल एक पद्धति न मानकर इसे किसानों की लागत घटाने और शुद्ध आय बढ़ाने के साधन के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए पारंपरिक और प्राकृतिक खेती के उत्पादन, लागत और शुद्ध आय की तुलनात्मक वैज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
- वैश्विक मांग और वैल्यू चेन (Value Chain): दुनिया भर में रसायन-मुक्त उत्पादों की बढ़ती मांग का लाभ उठाने के लिए ब्रांडिंग, सर्टिफिकेशन, वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट मॉडल को मजबूत करने पर बल दिया गया।
- मृदा स्वास्थ्य (Soil Health) डेटा संकलन: प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों को दर्ज करने के लिए किसानों के खेतों के मृदा नमूनों का नियमित व्यवस्थित संकलन किया जाएगा।
- मॉडल फार्म और फील्ड विजिट: किसानों को व्यावहारिक अनुभव देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) और कृषि विश्वविद्यालयों के फार्मों को ज्ञान व प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
- कृषि शिक्षा में समावेश: भविष्य के विशेषज्ञों के लिए कृषि विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक और फील्ड डेमोंस्ट्रेशन को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया गया।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्राकृतिक खेती में अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण के लिए प्रस्तावित 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' की स्थापना प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के आदेश दिए गए।
बैठक में कृषि सचिव अतिश चंद्र, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वरिष्ठ अधिकारी और विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर प्राकृतिक खेती के दायरे को जमीनी स्तर पर व्यापक बनाने का संकल्प दोहराया।





