नई दिल्ली। भारती ग्रुप समर्थित सैटेलाइट कम्युनिकेशंस कंपनी 'Eutelsat OneWeb' ने भारत सरकार से अपने लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क के लिए तुरंत सुरक्षा मंजूरी देने की अपील की है। पिछले वर्ष जनवरी में ही सुरक्षा प्रदर्शन (Security Demonstration) से जुड़ी तमाम जांच पूरी करने और सुरक्षा एजेंसियों के सभी सवालों के जवाब देने के बावजूद कंपनी को अब तक अंतिम क्लियरेंस नहीं मिल पाया है।
मंजूरी में देरी से Eutelsat OneWeb को बड़ा झटका
- कमाई और निवेश पर असर: सुरक्षा मंजूरी में डेढ़ साल से अधिक की देरी के कारण कंपनी अपने भारी-भरकम निवेश के बावजूद व्यावसायिक सेवाएं शुरू नहीं कर पा रही है।
- फर्स्ट मूवर एडवांटेज खोने का डर: 2022 में सेवाएं शुरू करने की योजना बना चुकी OneWeb भारत में पहली सैटकॉम परमिट धारक कंपनी थी। लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध और प्रशासनिक देरी के कारण इसका व्यावसायिक लॉन्च अटका हुआ है।
- सैटेलाइट्स की लाइफ खत्म होने की चुनौती: देरी के चलते कई LEO सैटेलाइट्स का जीवनकाल खत्म होने की कगार पर है।ET Telecom की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अब कम हो चुकी क्षमता वाले कुछ पुराने सैटेलाइट्स को बदलने की प्रक्रिया में है।
तैयार है ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर OneWeb ने भारत में अपना बुनियादी ढांचा पूरी तरह तैयार कर लिया है:
- गेटवे केंद्र: गुजरात के मेहसाणा और तमिलनाडु के थूथुकुडी में स्थापित।
- पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoP): मुंबई और चेन्नई में क्रियाशील।
Starlink और Jio Satellite भी लाइन में सुरक्षा मंजूरी के इंतजार में एलन मस्क की Starlink और रिलायंस की Jio Satellite भी शामिल हैं। हालांकि, तीनों की व्यावसायिक रणनीतियां अलग हैं:
- OneWeb: मुख्य रूप से बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेगमेंट पर केंद्रित है।
- Starlink: सीधे रिटेल ग्राहकों को सेवाएं देने की तैयारी में है।
- Jio Satellite: अपने संयुक्त उद्यम साझेदार SES और खुद के LEO कॉन्स्टेलेशन के जरिए बाजार में उतरने की योजना बना रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मंजूरी में और विलंब होता है, तो सबसे ज्यादा नुकसान OneWeb को उठाना पड़ेगा जिसने सबसे पहले ढांचागत तैयारी पूरी की थी।





