पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी भतीजी वृष्टि मुखर्जी (30) ने मंगलवार दोपहर बीरभूम जिले के रामपुरहाट स्थित अपने पैतृक घर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भेज दिया है।

वृष्टि, ममता बनर्जी के ममेरे भाई और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष निहार मुखर्जी की बेटी थीं।

डिप्रेशन, तलाक और भर्ती घोटाले में नौकरी जाना वजह

पारिवारिक सूत्रों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, वृष्टि पिछले 4-5 वर्षों से गंभीर अवसाद (Depression) से जूझ रही थीं और उनका चिकित्सकीय इलाज चल रहा था। उनके मानसिक तनाव के पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:

  • सरकारी नौकरी का जाना: वृष्टि एक स्थानीय स्कूल में ग्रुप-सी कर्मचारी के पद पर कार्यरत थीं। पश्चिम बंगाल के चर्चित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसियों (CBI/ED) ने पाया था कि लगभग 90% OMR शीट्स में गड़बड़ी की गई थी। इस जांच में अवैध रूप से लाभ उठाने वाले उम्मीदवारों की सूची में वृष्टि का नाम भी सामने आया था, जिसके बाद अदालत के आदेश पर उनकी नौकरी चली गई थी।
  • पारिवारिक विवाद: हाल ही में हुए उनके तलाक के मामले ने भी उनके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया था।

घर की बालकनी में लटका मिला शव

मंगलवार दोपहर रामपुरहाट के कुसुम्बा गांव स्थित घर की दूसरी मंजिल की बालकनी में कपड़े के फंदे के सहारे उनका शव लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना रामपुरहाट थाना पुलिस को दी।

पुलिस का बयान: रामपुरहाट पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु (Unnatural Death) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।