गढ़वा।एक कहावत है आए थे हरि भजन करने ओटन लगे कपास। झारखंड के गढ़वा जिले के कितोसोती खुर्द गांव के लोग इस कहावत का प्रयोग बीते बुधवार से कुछ इस तरह कर रहे हैं।गए थे मछली पकड़न को घोटन लगे अजगर।कहावत या इसके भाव कुछ भी हों, लेकिन जिन पर यह बीती उनकी जान जाने से बची।अब इस घटना का वीडियो वायरल है। अजगर की फांस से पिता को बचाने की बेटे की तड़प और जीवन संघर्ष के रूप में।





जिले के कितासोती खुर्द गांव के बिरजालाल भुइयां (55) पास के नहर में मछली मारने गया था।आसपास गांव के और भी लोग मछली मारने गए थे।आजकल नहर में अन्नराज नवाडीह डैम से पानी आने के कारण नहर में मछलियां भी आ रही हैं।मछली मारने के दौरान लोगों को अजगर दिखा।सांप-सांप की आवाज सुनकर नशे में बिरजालाल भी वहां पहुंचा।बिरजालाल अजगर को पकड़कर शरीर पर लपेट लिया।बिरजालाल ने तो खिलवाड़ किया था, लेकिन अब अजगर की बारी थी। कुछ ही देर में अजगर शरीर से लिपटते गर्दन तक पहुंच गया। धीरे-धीरे गर्दन जकड़ने लगा,बिरजालाल का दम घुटने लगा।बिरजालाल का नशा हिरन हो चुका था और अजगर की चंगुल में फंसता देख जान बचाने की गुहार लगाने लगा।आसपास मौजूद लोग भी बिरजालाल को अजगर से छुड़ाने का प्रयास करने लगे। इसकी सूचना उसके बेटे नीतीश भुइयां को दी गई। वह सुनते ही नहर की ओर दौड़ पड़ा।





पिता को बचाने की तड़प





बेटा नीतीश जब भागा-भागा पहुंचा तो अजगर पकड़ और मजबूत कर चुका था। पिता खुद चंगुल से निकलने का प्रयास कर रहा थि। 14 वर्षीय बेटा पिता को बचाने के लिए तड़प उठा। वह जितना छुड़ाने का प्रयास कर रहा था, अजगर उतनी की पकड़ और मजबूत कर रहा था। लगभग 15 मिनट के प्रयास के बाद बेटा अजगर की चंगुल से पिता को छुड़ा पाया। अब पिता की जान से खिलवाड़ से ज्यादा बेटे के साहस की बात हो रही है।