नई दिल्ली:

देश के डिजिटल स्पेस में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी नियंत्रण को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर सरकार विरोधी पोस्ट, व्यंग्य, और कानूनी ಸುದ್ದियों से जुड़े कंटेंट को हटाने जाने के मामले तेजी से सामने आए हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार विपक्ष और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकारों के निशाने पर आ गई है।

अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी का तीखा हमला

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक सदस्य अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में दीपके ने कहा कि सरकार रोजाना हजारों ऐसे पोस्ट और अकाउंट्स को निशाना बना रही है जो उसकी नीतियों या कार्यशैली की आलोचना कर रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस प्रकार की सेंसरशिप से सरकार का कुछ भला नहीं होने वाला:

  • "अकाउंट खत्म करने से सवाल नहीं खत्म होंगे:" दीपके ने कहा कि सरकार इस बुनियादी सच्चाई को नजरअंदाज कर रही है कि इंस्टाग्राम केवल एक मंच है जहां जनता अपने सवाल उठाती है। इन सवालों के मूल कारण और असंतोष सोशल मीडिया से कहीं बाहर वास्तविक जमीन पर मौजूद हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने से ज़मीनी हकीकत नहीं बदल जाएगी।
  • बढ़ेगा अविश्वास: उन्होंने चेताया कि इस तरह की सख्त सेंसरशिप से उन नागरिकों के मन में सरकार के प्रति अविश्वास और गहरा होगा, जिनके प्रति यह व्यवस्था जवाबदेह है।

CJP के सहयोगी आशुतोष रांका ने भी इस बात का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया कि देश में हजारों इंस्टाग्राम अकाउंट्स पर पाबंदी लगाई जा चुकी है और लाखों वीडियो हटाए गए हैं।

वरुण ग्रोवर और अन्य हस्तियों का कंटेंट भी हुआ सेंसर

सिर्फ राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि देश के जाने-माने व्यंग्यकार, कलाकार और मीडिया संस्थान भी इस कथित सेंसरशिप की चपेट में आए हैं।

  1. वरुण ग्रोवर की कविता पर चली कैंची: प्रसिद्ध गीतकार और व्यंग्यकार वरुण ग्रोवर ने शिकायत की है कि सरकार के '2047 विकसित भारत' के वादे पर लिखी उनकी एक व्यंग्यात्मक कविता के म्यूजिकल वर्जन को इंस्टाग्राम से हटा दिया गया है। ग्रोवर ने 'एक्स' पर इंस्टाग्राम के उस संदेश का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें लिखा था कि इसे भारत के आईटी कानून (IT Act) के तहत प्रतिबंधित किया गया है। तंज कसते हुए उन्होंने लिखा, "इस मासूम सी कविता के म्यूजिकल वर्जन को एक डरपोक सरकार ने हटवा दिया। शायद 2047 में यह पाबंदी हटा दी जाएगी।"
  2. 'देशभक्त' और जोक्स पर भी रोक: एक अन्य लोकप्रिय व्यंग्यकार 'देशभक्त' ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह बौखलाहट में है और सामान्य चुटकुलों (जोक्स) तक को भी सेंसर किया जा रहा है।
  3. 'लाइव लॉ' की कानूनी रील भी हटी: प्रतिष्ठित कानूनी समाचार पोर्टल 'लाइव लॉ' ने भी खुलासा किया कि उनके आधिकारिक पेज पर चुनाव आयोग के हलफनामे को समझाने वाली एक रील को यह कहते हुए हटा दिया गया कि इसके लिए "कानूनी अनुरोध" प्राप्त हुआ था।

बढ़ता जा रहा है डिजिटल विवाद

गौरतलब है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की शुरुआत मूल रूप से एक इंस्टाग्राम आधारित मूवमेंट के रूप में ही हुई थी, ऐसे में इस प्लेटफॉर्म पर हो रही कार्यवाहियों ने राजनीतिक हलकों में बहस को और तेज कर दिया है। जहां एक ओर आलोचक इसे लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ों को कुचलने का प्रयास बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आईटी नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत इन कदमों को जायज ठहराए जाने पर भी चर्चाएं गर्म हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा डिजिटल राइट्स और फ्री स्पीच की डिबेट को और बड़ा रूप दे सकता है।

#InstagramCensorship #FreeSpeech #VarunGrover #CockroachJanataParty #ITAct #MediaFreedom #IndiaNews