प्रतिनिधि,टंडवा(चतरा)। आम सड़कों से कोयले का ट्रांसपोर्टिंग लोगों के लिए परेशानी का बड़ा सबब बन गया है। केरेडारी के चट्टी बारियातू कोल खनन परियोजना से एनटीपीसी तक दिन-रात कोल वाहनों के परिचालन के दौरान जहां सड़क दुर्घटना में वृद्धि हुई है। वहीं दूसरी ओर भारी प्रदूषण के कारण लबनिया मोड़ से बसरिया मोड़ तक आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है। दिलचस्प बात तो यह है कि संलिप्त कार्पोरेटों के आगे पूरा प्रशासन भी मामले में पूरी तरह से मूकदर्शी बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है।
ग्रामीणों की मानें तो कोल वाहनों के अंधाधुंध अनियंत्रित व अनियमित परिचालन से उनके जीवन व जीविका दोनों को काफी हद तक प्रभावित कर रहा है। उपजाऊ जमीनों में जहां कोयले की धूलकणों का मोटा परत जम गया है।वहीं दूसरी ओर भारी प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
आपको बता दें ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए स्थानीय विधायक किसुन कुमार दास ने 18 अप्रैल 2023 को सीसीएल के प्रबंध निदेशक से मिलकर पत्रांक 117 सौंपते हुए पूरे मामले से अवगत कराया है। वहीं दिए गए एक महीने के अल्टीमेटम को ध्यान में रखते हुए विशद आंदोलन की सुगबुगाहट देखी जा रही है।





