रांची। झारखंड के पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित जिलों के एसएसपी और एसपी को अवैध माइनिंग पर रोक लगाने का निर्देश दिया। वहीं कोयला,बालू व जमीन के अवैध कारोबार में शामिल संगठित आपराधिक गिरोहों पर भी कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा।





डीजीपी ने सख्त लहजे में अफसरों से कहा कि जिस स्थान से अवैध खनन की जानकारी मिलेगी,वहां के स्थानीय पदाधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जायेगी।साथ ही विधि-व्यवस्था चाक-चौबंद रहे और अपराध पर लगाम लगाने के लिए कहा।





डीजीपी की समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आयी कि कुछ जिलों में डकैती, लूट व दुष्कर्म की घटनाओं में इजाफा हुआ है,जबकि हत्या, छिनैती सहित अन्य मामलों में कमी आयी है। धनबाद, रांची सहित कुछ जिलों में हाल में हुए संवेदनशील मामलों की भी समीक्षा की गयी।इसमें आरोपियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया। वहीं एससी-एसटी के अलावा लंबित और कुर्की के मामलों का भी तेजी से निटारा करने के लिए कहा गया है।





एडीजी अभियान संजय आनंद लाठकर, आईजी अभियान अमोल वीणुकांत होमकर, रांची के प्रक्षेत्रीय आईजी पंकज कंबोज, एसआईबी डीआईजी अनूप बिरथरे, रांची रेंज डीआईजी अनीश गुप्ता, सीआईडी डीआईजी सुनील भास्कर, एसपी कार्तिक एस, एटीएस एसपी प्रशांत आनंद, एसपी धनंजय सिंह सहित अन्य अधिकारी पुलिस मुख्यालय में मौजूद थे।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बोकारो के प्रक्षेत्रीय आईजी,सभी रेंज डीआईजी और जिलों के एसपी जुड़े थे।





समीक्षा के दौरान सीआईडी ने तीन महीने के आपराधिक मामलों के आंकड़ों का पावर प्रेजेंटेशन दिया गया। इसके बाद डीजीपी ने सभी एसपी और एस‌एसपी को अपराधियों के खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट के तहत कार्रवाई करने संबंधी प्रस्ताव भेजने के लिए कहा।राज्य के सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार करने, जेल में बंद और जमानत पर बाहर निकले अपराधियों की सूची तैयार करने के लिए कहा है।





डीजीपी ने एसपी और एस‌एसपी को निर्देश दिए कि जो अपराधी जो जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपराध में शामिल हुए हैं, उनकी जमानत रद्द कर कार्रवाई करे और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित करें। जिन बड़े अपराधियों खिलाफ कुछ मामलों में ठोस साक्ष्य हैं, उसका स्पीडी ट्रायल कराने के लिए कहा।