काकीनाडा / विशाखापट्टनम / रांची:
बंगाल की खाड़ी में बना बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) तेजी से आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह चक्रवात 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और इसकी बाहरी हवाएं व बादल जमीन से टकराने शुरू हो चुके हैं। तूफान के 28 अक्टूबर के तड़के 2 से 4 बजे के बीच 125 से 135 किमी/घंटा (झोंकों में 150 किमी/घंटा तक) की प्रचंड रफ्तार से आंध्र प्रदेश और यानम तट (काकीनाडा-विशाखापट्टनम के पास) से टकराने की पूरी संभावना है।
खतरे की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और अंडमान-निकोबार में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
आंध्र प्रदेश में युद्धस्तर पर राहत कार्य: 84,000 लोग शिफ्ट, 8,400 बिजली कर्मी मुस्तैद
चक्रवात 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया है:
- सुरक्षित परिसरों में स्थानांतरण: राज्य सरकार ने 20 जिलों के निचले इलाकों से 84,396 लोगों को 290 साइक्लोन शेल्टरों (राहत शिविरों) में पहुंचा दिया है। राज्य में कुल 2,131 कैंप तैयार किए गए हैं।
- स्वास्थ्य व आपात सेवाएं: आपातकालीन स्थिति को देखते हुए 5,000 से अधिक गर्भवती महिलाओं (1,351 को पहले ही भर्ती) को अस्पतालों में पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,000 से ज्यादा डॉक्टरों की टीमें और 1,274 एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
- समुद्र से मछुआरों की वापसी: 30,000 से अधिक मछुआरे अपनी नावों के साथ सुरक्षित तट पर लौट आए हैं। इसके अलावा गोपालपुर पहुंची आंध्र की 93 नावें और उनके नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- बिजली व बुनियादी ढांचा: बिजली ठप होने की स्थिति से निपटने के लिए 8,400 कर्मचारियों की विशेष टीम तैनात की गई है, साथ ही पानी के टैंकरों और जनरेटरों का पुख्ता प्रबंध किया गया है।
ओडिशा, झारखंड और अंडमान में व्यापक असर: स्कूल बंद, ट्रेनें और उड़ानें रद्द
चक्रवात 'अर्नब' का असर आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों पर भी व्यापक रूप से देखा जा रहा है:
- ओडिशा (मलकानगिरि अलर्ट): ओडिशा के 8 जिलों से करीब 48,000 लोगों को निकाला जा रहा है। मलकानगिरि जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में NDRF व SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।
- झारखंड (3 दिन भारी बारिश और स्कूल बंद): चक्रवात के कारण झारखंड में अगले 3 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- रांची और पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने 28 और 29 अक्टूबर को नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।
- IMD ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला और सिंहभूम में 'येलो अलर्ट' और 29-30 अक्टूबर के लिए पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा समेत सात जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह: मछुआरों को बुधवार तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सभी टूरिज्म व वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
- परिवहन प्रभावित: तूफान के चलते सुरक्षा के लिहाज से विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा से चलने/आने वाली 21 उड़ानें और 50 ट्रेनें निरस्त (कैनन) कर दी गई हैं।
मौसम विभाग की अपील: "घरों के भीतर रहें, अपनी पूरी ताकत के साथ टकराएगा तूफान"
आंध्र प्रदेश मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक डॉ. एस. करुणाकर के अनुसार, तूफान लैंडफॉल के समय भी अपनी पूरी ताकत के साथ एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में बना रहेगा। मौसम विभाग ने आम लोगों से सख्त अपील की है कि वे लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी हाल में घरों से बाहर न निकलें और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें।
#CycloneArnab #ArnabCyclone #AndhraPradesh #Visakhapatnam #Kakinada #OdishaNews #JharkhandRain #IMDAlert #NDRF #WeatherUpdate





