रांची।झारखंड की आईएएस पूजा सिंघल पर कार्रवाई मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साहिबगंज के जिला खनन अधिकारी विभूति कुमार और रांची जिला खनन अधिकारी संजीव कुमार से पूछताछ की।दोनों को पूजा सिंघल के सामने बैठाकर भी कई सवाल पूछे गए। पूछताछ के दौरान पूजा सिंघल को लाभ पहुंचाने समेत कई सवालों पर डीएमओ उलझ गए।दोनों से 11 घंटे पूछताछ हुई। ईडी ने 16 मई को ही विभूति कुमार को नोटिस भेजा था,लेकिन तब बेटी की शादी का हवाला देकर वह पेश नहीं हुए थे और पंद्रह दिनों का समय मांगा था। इसपर कुछ फैसला होने से पहले ही विभूति कुमार सोमवार को ईडी ऑफिस में हाजिर हो गए।





सोमवार सुबह साढ़े दस बजे विभूति कुमार अपने स्कूटर से ईडी ऑफिस पहुंचे।संजीव कुमार काफी पहले ऑफिस पहुंच गए थे।पूछताछ कर रहे ईडी के अधिकारी दोनों को पूजा सिंघल के पास लेकर गए।इसके बाद उनसे पूछा कि क्या पूजा सिंघल को पहचानते हो या नहीं और साथ ये भी पूछा कि उन्हें कब-कब और कैसे लाभ पहुंचाया।





सूत्रों ने बताया कि साहिबगंज के डीएमओ विभूति कुमार से जिले में अवैध खनन, स्टोन चिप्स की तस्करी और खान लीज आवंटन के मुद्दे पर सवाल किए गए जिनका वह जवाब नहीं दे पा रहे थे।रांची डीएमओ संजीव कुमार से मुख्यमंत्री को खान लीज देने और फिर उसे सरेंडर करने के मुद्दे पर भी सवाल किए गए।





इन सवालों से जूझना पड़ा





1.रांची के डीएमओ संजीव कुमार कुमार से अनगड़ा लीज आवंटन पर सवाल पूछे गए





2. साहिबगंज डीएमओ विभूति कुमार से स्टोन चिप्स तस्करी और अवैध खनन पर पूछताछ





3. गंगा में डूबे स्टोन चिप्स लदे ट्रकों के चालान पर भी सवाल जवाब





4. राजनीतिज्ञों और नौकरशाहों से रिश्ते पर भी मांगा गया जवाब





ईडी ने विभूति कुमार को पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के डिजिटल डिवाइस से मिले सबूतों को दिखाया और सवाल पूछे और राजनीतिज्ञों व नौकरशाहों से जुड़ी एक सूची भी दिखाई।ईडी ने पूछा कि साहिबगंज में पद पर रहते हुए उन्होंने इनमें से किस-किस को लाभ पहुंचाया। यह भी पूछा कि वह बताएं कि उन्होंने कितने लोगों को कब-कब पैसे दिए और साथ ही अवैध खनन के जरिए कितनी राशि अर्जित की।





ईडी ने विभूति कुमार से पूछा कि अवैध खनन रोकने के लिए क्या किया। साहिबगंज में स्टोन क्रशर के कितने अवैध प्लांट हैं और इनके खिलाफ कितनी कार्रवाई हुई। यह भी पूछा कि स्टोन चिप्स ले जा रही गाड़ियां मार्च में गंगा में डूब गईं थीं। इस हादसे में जो ट्रक डूबे थे, उनके चालान कहां से जारी हुए थे।