रांची।फिजूलखर्चा,दिखावा,आडम्वर के साथ समाज में विवाह समारोह हो रहे हैं। दूसरी तरफ पढ़े लिखे युवक-युवती चाह रहे हैं कि विवाह सादगीपूर्ण हो,लेकिन हिम्मत वाले लोग आगे बढ़ रहे हैं।दिखावा,आडम्वर,फिजूलखर्ची से लोग परेशान हैं। विवाह के नाम पर अनावश्यक खर्च हो रहा है।
बरियातु रोड निवासी सतीष अग्रवाल के सुपुत्र पीयूष कुमार व कांके रोड निवासी स्व.रमेशचन्द्र बूबना की सुपुत्री चांदनी ने यह हिम्मत दिखाई।दोनो पेशे से बी.टेक इलेक्ट्रीकल व साफ्टवेयर इन्जीनियर हैं।संभ्रांत - प्रतिष्ठित परिवार के हैं। इन दोनो ने एवं दोनो के परिवारवालो ने श्री श्याम मन्दिर, हरमू रोड मे विवाह करने का निर्णय किया।विवाह भी आडम्वर, दिखावा व फिजूलखर्चा से दूर सादगीपूर्ण तरीके विधि - विधान से आचार्य श्री अनूप दाधिच ने करवाया। दोनो पक्ष के परिवारजनों की ओर से सीमित संख्या में मेहमान आमंत्रित किये गये थे। विवाह 25 नवम्बर को सम्पन्न हुआ।
श्री श्याम मित्र मण्डल के अघ्यक्ष सुरेश सरावगी महामंत्री विश्वनाथ नारसरिया ने कहा कि दोनो परिवार वाले चाहते तो विवाह किसी बड़े होटल या विवाह भवन में हो सकता था। लेकिन परिवारजन व वर - वधू ने आगे बढ़कर सादगीपूर्ण विवाह का उदाहरण प्रस्तुत कर विवाह योग्य युवक युवतियों को नया संदेश दिया है। इस तरह के सादगीपूर्ण विवाह समारोह समाज को नई दिशा देगा। वैभवशाली पीयूष - चांदनी के रूप में आगे आए हैं, अब अन्य को आगे आना होगा तभी समाज में आडम्वर, दिखावा, फिजूलखर्ची समाप्त होगा। श्री श्याम मन्दिर परिवार इस नई जोड़ी के इस कार्य की सराहना करता है एवं उनके सुखमय जीवन की प्रार्थना बाबा श्याम से करता है।





