प्रतिनिधि,रांची।आदिवासी संगठनों की एक बैठक शनिवार को राष्ट्रीय आदिवासी समाज सरना धर्म रक्षा अभियान के तत्वावधान में हुई।बैठक में सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए गए।बैठक में आदिवासी सामाजिक संगठन राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा,केंद्रीय सरना समिति, झारखंड आदिवासी संयुक्त मोर्चा, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ,सरना धर्म सोतो: समिति खूंटी, केंद्रीय सरना संघर्ष समिति रांची सहित कई संगठनों के सदस्य उपस्थित थे।प्रस्ताव में कहा गया है कि संविदा नियुक्ति में एसटी, एससी के आरक्षण का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन है। वर्तमान गठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से निवेदन किया गया है कि इस तरह की गलती न करें अन्यथा राज्य में आदिवासियों का आंदोलन होगा।
आंदोलन के क्रम में सोमवार 16 जनवरी को तीन बजे जयपाल सिंह स्टेडियम में सभी संगठनों के प्रतिनिधि जमा होंगे और मशाल जुलूस के साथ अल्बर्ट एक्का चौक में सरकार का पुतला दहन किया जाएगा। राज्य सरकार के अधीन विभिन्न स्तरीय सेवा संवर्ग बैकलॉग हजारों वैकेंसी आरक्षित वर्गों का है। बैकलॉग वैकेंसी का आकलन किया जाए और उसके विरुद्ध नियुक्ति प्रक्रिया शुरू किया जाए।उन्होंने कहा कि मेयर आशा लकड़ा का बयान सरना धर्म कोड के विषय में आया है वह आदिवासियों को दिग्भ्रमित करने वाला है।
बैठक में नारायण उरांव, अमर उरांव, शिवा कच्छप, प्रभात तिर्की, रेणु तिर्की, रायमुनि किस्पोट्टा, सुमन खलखो, निर्मल पाहन, रंजीत उरांव, अस्मितमन तिर्की, अर्पित तिर्की उपस्थित थे।





