रांची।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पेशी को लेकर गुरुवार को एयरपोर्ट रोड स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ऑफिस के सामने दिन भर गहमागहमी का माहौल रहा।सीएम सोरेन काफिले के साथ दिन में 11.54 बजे ईडी ऑफिस पहुंचे। सीएम के साथ छोटे भाई दुमका विधायक बसंत सोरेन, प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू मौजूद थे।ईडी ऑफिस में बसंत सोरेन और अभिषेक प्रसाद को अंदर जाने से रोक दिया गया।इसके बाद दोनों लौट गए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि हमारा पूरा झारखंड है।सिर्फ साहिबगंज की क्यों बात करते हैं।संताल परगना और कोल्हान में हमारा किला मजबूत है। बसंत सोरेन ने कहा कि राज्य में कुछ लोग बेवजह परेशान हैं। हम इसे परेशानी नहीं मानते हैं।हमारे साहब एजेंसी के सामने गए हैं,अपनी सफाई देंगे।यह पूछे जाने पर भाजपा नेता ट्वीट कर कह रहे हैं कि अब सीएम नहीं बचेंगे।इस पर बसंत सोरेन ने कहा कि शाम तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री हैं और वही रहेंगे।
जब हेमंत सोरेन हैं, तो जरूरत कहां है।यह पूछे जाने पर की अगर नेतृत्व परिवर्तन हुआ तो नेता कौन होगा। इस पर बसंत सोरेन ने कहा कि जब इसकी नौबत आएगी तो पार्टी विचार करेगी।बुधवार को विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हो पाया था।आज ही दुमका से लौटा हूं।
शरीर में पेंट करा कर इडी कार्यालय पहुंचा झामुमो कार्यकर्ता
झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थक राज खलखो शरीर पर पेंट करा कर ईडी ऑफिस पहुंचा।पूछने पर राज ने बताया कि वह झामुमो का कार्यकर्ता है और मुख्यमंत्री के समर्थन के लिए आया है।राज ने कहा कि केंद्र सरकार ईडी का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री को परेशान करना चाहती है।हेमंत सोरेन जनहित में अच्छा काम कर रहे हैं।राज ने अपनी पीठ पर ईडी के लिए संदेश लिखा था कि एक आंख में सुरमा और एक आंख में काजल नहीं चलेगा।
कार्यकर्ताओं को ईडी ऑफिस आने से किया गया मना
पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पहले ही ईडी ऑफिस आने से मना कर दिया गया था।जिससे राज्य के विभिन्न जिलों से आये कार्यकर्ता अलग-अलग क्षेत्रों में जुटे और हेमंत सोरेन का समर्थन किया।साथ ही ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया।खूंटी समेत अन्य जिलों से आए कार्यकर्ता पुराने विधानसभा मैदान में जुटे थे।





