प्रतिनिधि, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केंद्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने प्रेस बयान जारी कर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अब 2000 रुपए के नोट लीगल टेंडर नहीं रहने सम्बन्धी निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था व मौद्रिक नीति को पटरी पर लाने में अक्षम मोदी सरकार ने अपने भ्रष्ट उद्योगपति मित्रों व संघ के काले धन वाले कारोबारियों के इशारे पर 500रुप‌ए व 1000 रुपए के पुराने नोट को बन्द कर 2000 रुपए के नये नोट जारी करवाकर भ्रष्टाचारियों व काले कारोबारियों की मदद की थी।अब पुन: 2000रुप‌ए के नोटबन्दी की घोषणा से यह प्रमाणित हो गया कि मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर मानसिक दिवालियापन का शिकार होकर देश का बेड़ा गर्क करने पर तुली हुई है।





जारी बयान में उन्होंने कहा है कि देश में आतंकवाद व कालाधन पर कथित रुप से रोक लगाने के तर्क के साथ 8 नवम्बर 2016 को 500 रुपए व 1000‌ रुपए के पुराने नोट को बन्द करने की स्वयं घोषणा के बाद 2000 रुपए के भ्रष्टाचारियों के गुलाबी सपनों के नोट जारी करवाकर मोदी जी ने हास्यास्पद आर्थिक व मानसिक अक्षमता का परिचय दे दिया था।निश्चित रूप से आरएसएस व भाजपा को यह बताना चाहिए कि अगर पुराने 500 रुपए व 1000 रुपए के नोट से भ्रष्टाचार, आतंकवाद व कालाधन बढ़़ रहा था,तो 2000 रुपए के नये नोट जारी करने से कैसे घट गया।अब 2000 रुपए के नोट बन्द करने सम्बन्धी भाजपा नेताओं व प्रवक्ताओं के हास्यास्पद तर्क की कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि देश की मौद्रिक नीति को संघ के डंडे से हांकने की प्रवृति ने नोटबन्दी -1 के बाद नोटबन्दी-2 के महाघोटाले को अंजाम दिया है।हम देश के लोगों से अपील करते हैं कि आगामी 2024 के आम चुनाव में मोदी सरकार को केंद्रीय सत्ता से उखाड़कर नोटबन्दी के महाघोटाले का पर्दाफाश करें।