कीव/वाशिंगटन: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका मानना है कि अमेरिकी रुख में आया यह बदलाव रूस-यूक्रेन युद्ध को और लंबा खींच देगा और इससे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की स्थिति मजबूत होगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच के रिश्तों में तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

जेलेंस्की की चिंता की मुख्य वजहें

अमेरिकी समाचार चैनल 'सीएनएन' से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं हैं, लेकिन रूस पर से पाबंदियां हटाने के फैसलों से वे असहमत हैं। जेलेंस्की की नाराजगी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • रूस से तेल खरीद को मंजूरी: अमेरिका का रूस से तेल खरीदने के लिए तैयार होना, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप ने हरी झंडी दिखाई है, जेलेंस्की के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
  • शांति प्रयासों को झटका: जेलेंस्की का तर्क है कि प्रतिबंधों में ढील देने से रूस को आर्थिक बल मिलेगा, जिससे रूसी सेना युद्ध को और अधिक खींच सकती है और पुतिन शांति स्थापित करने के किसी भी प्रयास से पीछे हट सकते हैं।
  • स्टारलिंक इंटरनेट पर पाबंदियां: यूक्रेन को एलन मस्क की कंपनी 'स्पेसएक्स' द्वारा संचालित सैटेलाइट इंटरनेट सेवा 'स्टारलिंक' के इस्तेमाल से जुड़ी पाबंदियों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

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अमेरिका का क्या है पक्ष?

दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन का अपना तर्क है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि जब कूटनीतिक बातचीत बेहद नाजुक दौर में हो और कोई शांति समझौता करीब हो, तो उस समय प्रतिबंध लगाने से पूरी प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को कहा था कि दोनों देशों के बीच उपजे इन मतभेदों को सुलझाने के लिए कुछ रचनात्मक विचार सामने आए हैं, जिन पर काम किया जा रहा है।

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