नई दिल्ली: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों (पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी) के एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इन अनुमानों को सिरे से खारिज करते हुए एग्जिट पोल को एक 'रैकेट' करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप: "यह आदमी एक खिलाड़ी है"

जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें अब तक का सबसे पक्षपाती प्रमुख बताया। उन्होंने कहा:

"चुनाव आयोग कभी इतना पक्षपाती नहीं रहा जितना ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में है। हम केवल चुनाव नहीं लड़ रहे थे, बल्कि हम चुनाव आयोग से भी लड़ रहे थे। यह गिरावट पिछले प्रमुख के समय से ही शुरू हो गई थी, लेकिन वर्तमान सीईसी एक खिलाड़ी की तरह काम कर रहे हैं।"

रमेश ने याद दिलाया कि संसद में पेश किए गए महाभियोग प्रस्ताव में उनके खिलाफ नौ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही प्रस्ताव खारिज हो जाए, लेकिन कांग्रेस उन्हें हटाने का नोटिस दोबारा देगी।

वोट देने के अधिकार पर चिंता: "वैधानिक नहीं, मौलिक अधिकार बने"

वोटर लिस्ट में विसंगतियों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि अब समय आ गया है जब 'वोट देने के अधिकार' को महज वैधानिक (Statutory) अधिकार के बजाय एक 'मौलिक अधिकार' (Fundamental Right) बनाया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि संविधान निर्माण में योगदान देने वाले नंदलाल बोस के परिवार का नाम तक मतदाता सूची से गायब है, जो दर्शाता है कि वास्तविक नागरिकों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

अमित शाह की '3-D' नीति पर घेरा

जयराम रमेश ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पुरानी नीति का जिक्र करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा:

Detect (पता लगाओ): आपने अब तक कितने गैर-भारतीयों का पता लगाया है?

Delete (हटाओ): कितने नामों को सूची से हटाया गया है?

Deport (देश से निकालो): कितनों को वास्तव में देश से बाहर निकाला गया है?

उन्होंने आरोप लगाया कि 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' की इस आड़ में असली भारतीय नागरिकों के वोट देने के अधिकार को खतरे में डाला जा रहा है।

क्या कहते हैं एग्जिट पोल के आंकड़े?

बीते दिन आए अनुमानों ने विपक्षी खेमे की चिंता बढ़ा दी है। अधिकतर एग्जिट पोल्स के अनुसार:

पश्चिम बंगाल और असम: भाजपा की सरकार बनने के प्रबल आसार।

तमिलनाडु: DMK+ गठबंधन को स्पष्ट बढ़त।

केरल: एलडीएफ (LDF) की वापसी की संभावना।

पुडुचेरी: भाजपा गठबंधन को बहुमत मिलने का अनुमान।

जयराम रमेश का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि कांग्रेस इन अनुमानों को मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति मान रही है और आगामी चुनाव परिणामों से पहले संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठाकर दबाव बनाए रखना चाहती है।