इक्फाई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 139 छात्रों को मिली डिग्री





सात को मिली पीएचडी की उपाधि





9 छात्रों को गोल्ड एवं 9 को सिल्वर मेडल से किया गया सम्मानित





राज्यपाल व कुलाधिपति ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग कर दिया बल





प्रमुख संवाददाता





रांची। कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच रखते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन प्रतिबद्धता के साथ करते रहें, तो मंजिलें आसान हो जाती है। सही दृष्टि, सही राह और समय की कीमत समझने वाले छात्र अपना लक्ष्य हासिल करने में सफल होते हैं। उक्त बातें राज्यपाल रमेश बैस ने शनिवार को आर्यभट्ट सभागार में आयोजित इक्फाई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्होंने यूजीसी और सरकार के मापदंडों के अनुरूप इक्फाई विश्वविद्यालय द्वारा गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अंगीकार करते हुए छात्रों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने की भी अपील की। छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनके कैरियर निर्माण के प्रति माता-पिता और शिक्षकों का अमूल्य योगदान होता है। इसे कदापि न भूलें। उन्होंने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। साथ ही कहा कि देशरत्न के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात कर विषम परिस्थितियों में भी सफलता की ओर अग्रसर रहें।





श्री बैस ने डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को जीवन के हर कदम पर कामयाबी हासिल करने की शुभकामनाएं दी। उन्होंने हिंदी के अधिक से अधिक प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है। इसका संवर्धन जरूरी है। हमें यह आकलन करना चाहिए कि आजादी के 75 वर्षों के बाद भी हम भाषा के प्रति कितना न्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करना चाहिए। सिर्फ हिंदी दिवस या हिंदी पखवाड़ा का आयोजन कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री नहीं समझना चाहिए। बल्कि हिंदी बोलने में मन के झिझक को दूर कर हर जगह हिंदी भाषा का प्रयोग करें। राष्ट्रभाषा को बचाने में हमें तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए।





मौके पर विशिष्ट अतिथि जस्टिस रोंगन मुखोपाध्याय, सिटिंग जज (झारखंड उच्च न्यायालय) ने कहा कि गुणवत्तायुक्त और संस्कारयुक्त शिक्षा राष्ट्र के नवनिर्माण में सहायक होती है। इस दिशा में इक्फाई विश्वविद्यालय द्वारा किया जा रहा प्रयास सराहनीय है। उन्होंने डिग्री प्राप्त करने वाले सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी। इस अवसर पर वर्ष 2022 में स्नातक करने वाले 139 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई, जिसमें 7 पीएचडी डिग्री शामिल हैं। इसके अलावा 9 स्वर्ण पदक और 9 रजत पदक विभिन्न कार्यक्रमों के क्रमशः शीर्ष रैंक और दूसरे रैंकर्स को प्रदान किए गए।





दीक्षांत समारोह में स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.ओआरएस राव ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद हमारे विश्वविद्यालय ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी स्नातक छात्रों को डिजिटल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम, स्वाध्याय का उपयोग करके बिना किसी रुकावट के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि योग्य स्नातक छात्रों का शतप्रतिशत प्लेसमेंट हो गया।पूर्ववर्ती छात्रों ने भारत के अलावा विदेशों में भी अपनी पहचान बनाई है। उनमें से कई प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर रहे हैं। कुछ छात्र आईआईटी, आईआईएम जैसे प्रमुख संस्थानों में उच्च अध्ययन के लिए गए हैं। प्रो.राव ने कहा कि हमारे छात्रों में से लगभग 11प्रतिशत उद्यमी बन गए और नौकरी चाहने वालों की बजाय नौकरी देने वाले बन गए।उन्होंने बताया कि कई छात्रों ने झारखंड के विभिन्न जिलों में स्कूली शिक्षा, कृषि-व्यवसाय (मशरूम की खेती), इवेंट मैनेजमेंट, होटल, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में अपना व्यवसाय स्थापित किया है।





उद्यमिता विकास को बनाएं लक्ष्य: डॉ.टीआरके राव





दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ.टीआरके राव ने कहा कि अपने कैरियर निर्माण के साथ-साथ उद्यमिता विकास पर भी बल दें। उन्होंने उद्योग में कुछ समय के लिए काम करने के बाद भी सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और उद्यमी बनने की सलाह दी। वहीं, न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय ने कहा कि धैर्य, दृढ़ता और जुनून सफलता की कुंजी है।





समारोह में राज्यपाल ने युनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स, यूके में अध्ययन करने के लिए झारखंड सरकार द्वारा मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज स्कॉलरशिप प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय की छात्रा संगीता कच्छप को भी बधाई दी। उन्होंने इक्फाई विश्वविद्यालय को झारखंड के निजी विश्वविद्यालयों के लिए एक रोल मॉडल बनने की सलाह दी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.अरविंद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।इस अवसर पर इक्फाई विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र व अन्य कर्मी मौजूद थे।