देवघर।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को झारखंड के देवघर आएंगी।राष्ट्रपति मुर्मू 45 मिनट तक द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करेंगी।अचानक बने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर बाबानगरी में प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गयी हैं।जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति 14 नवंबर को अपराह्न करीबन 1-45 पर बाबा वैद्यनाथ मंदिर पहुंचेंगी।राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी सोमवार को देवघर पहुंचने वाले हैं।
बता दें कि झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ के दरबार में माथा टेकने के लिए आ रहीं हैं।राज्यपाल रहते हुए कई बार बाबा के दरबार में पहुंच चुकीं हैं।राष्ट्रपति के रूप में डॉ. प्रणब मुखर्जी दो बार और रामनाथ कोविंद भी बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंच चुके हैं।
गोड्डा से भाजपा सांसद डाॅ. निशिकांत दुबे भी राष्ट्रपति मुर्मू के साथ बाबा वैद्यनाथ की पूजा-अर्चना करने में शामिल रहेंगे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बाबा वैद्यनाथ मंदिर में पूजा व्यवस्था को लेकर शनिवार को बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन में बाबा मंदिर प्रभारी सह अनुमंडल पदाधिकारी दीपांकर चौधरी व महाप्रबंधक सुनील कुमार की उपस्थिति में पंडाधर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारियों की बैठक हुई।
बैठक में राष्ट्रपति मुर्मू के बाबा वैद्यनाथ मंदिर गर्भगृह से लेकर प्रांगण तक की व्यवस्था को लेकर चर्चा की गयी। किस प्रकार बाबा मंदिर में राष्ट्रपति का स्वागत करने के साथ पूजा-अर्चना करायी जाएगी।इसे लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सभा अध्यक्ष प्रो. डॉ. सुरेश भारद्वाज, महामंत्री कार्तिक नाथ ठाकुर, वरीय उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, शंकर सरेवार, समन्वय समिति सदस्य सचिदानंद झा उर्फ बाबा झा, बाबा मंदिर अधिकारी प्रकाश मिश्रा, सोना सिन्हा सहित अन्य उपस्थित थे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के देवघर आगमन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने आदेश जारी किया है। उपायुक्त ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर 11 कोषांगों का गठन किया है। उसमें वाहन कोषांग, कार पास कोषांग, परिचय पत्र कोषांग 1 व 2, वाहन पार्किंग कोषांग, आवासन कोषांग, रूट लाइन कोषांग, चिकित्सा एवं एम्बुलेंस कोषांग, देवघर एयरपोर्ट, बाबा मंदिर कोषांग, स्वच्छता कोषांग व राष्ट्रपति भ्रमण कोषांग का गठन किया गया है। सभी कोषांगों के लिए पदाधिकारी व सहयोगियों की सूची जारी की गयी है।





