धनबाद।कुख्यात प्रिंस खान को अब वासेपुर में किराए के शूटर नहीं मिल रहे हैं।प्रिंस अब वासेपुर से बाहर के युवकों को लालच देकर अपराध करवा रहा है और 8-8 हजार में शूटर तैयार कर रहा है।कम उम्र के नशेड़ी युवकों को अपने शिकार की रेकी और फायरिंग की जिम्मेदारी सौंप रहा है।
इसका खुलासा पीडब्ल्यूडी ठेकेदार राम नरेश सिंह के हाउसिंग कॉलोनी स्थित आवास पर फायरिंग करने वाले पकड़ाए पांच युवकों ने किया है।पुलिस ने फायरिंग करने में ऑफिसर्स कॉलोनी विक्रम सिंह उर्फ विक्की, न्यू कॉलाेनी धैया शिवम कुमार उर्फ शिवा, हाउसिंग कॉलाेनी साैरभ सिन्हा, कंबाइंड बिल्डिंग शंकर कुमार शर्मा और न्यू विशुनपुर श्याम कुमार पांडेय काे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा है।इनकी उम्र 20 से लेकर 30 साल तक है और सभी नशेड़ी हैं,इनमें से दो साक्षर हैं,तीन नन मैट्रिक हैं।विक्की और शिवा का आपराधिक रिकॉर्ड है, जबकि तीन ने पहली बार अपराध किया।
विक्की का पिता था होमगार्ड जवान, शिवा का पिता था कुख्यात डकैत
विक्की का पिता कृष्णा प्रसाद सिंह हाेमगार्ड का जवान था।शिवम के पिता धनराज प्रसाद अपने समय का कुख्यात डकैत था।शिवम की मां की तीन दिन पहले माैत हो चुकी है।शिवम रुपए कमाने के लिए विक्की के साथ हाे गया। गिरफ्तार युवकों में तीन के पिता की मौत हो चुकी है।विक्रम और शिवा ने 2009 में एक व्यवसायी से लूटपाट की थी।पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था और प्रिंस से दाेनाें की मुलाकात हुई थी।वासेपुर में पुलिस की दबिश के कारण कुख्यात प्रिंस के सभी गुर्गे भूमिगत हाे गए।ऐसे में कुख्यात प्रिंस फायरिंग और धमकी देने दिलाने के लिए विक्की का प्रयोग कर रहा था।विक्की ही मेजर के नाम से धमकी भरा पत्र फेंकता था।विक्की के पास से मिले माेबाइल में वर्चुअल नंबर से प्रिंस से बात करने का साक्ष्य मिला हैं।
एसएसपी संजीव कुमार ने बुधवार को बताया कि राम नरेश सिंह के घर फायरिंग के लिए विक्की ने अपने साले की बाइक शिवा और शंकर को दी थी। बाइक शंकर चला रहा था और शिवा ने फायरिंग की।वासेपुर में ठेकेदार मतलूब के घर फायरिंग भी इन्हीं दोनों ने की थी।
एसएसपी ने बताया कि राम नरेश के घर पर फायरिंग के लिए प्रिंस ने 50 हजार दिए थे। इनमें विक्की ने 20 और शिवा 15 हजार लिए थे,जबकि शेष 15 हजार तीन अन्य के बीच बांटे गए थे।पुलिस ने इनके पास से सुपारी के 39 हजार समेत फायरिंग में प्रयुक्त बाइक व पिस्टल बरामद की है।
पुलिस को सबसे पहले विक्की के बारे में जानकारी मिली।पुलिस विक्की काे गिरफ्तार करने के लिए उसके घर और ससुराल में छापेमारी की थी,लेकिन विक्की नहीं मिला।रातभर पुलिस विक्की का इंतजार किया।
सुबह सात बजे घर वापस लाैटने पर विक्की गिरफ्तार किया गया।विक्की ने बिना किसी दबाव के स्वीकार किया कि घटना काे अंजाम उसी ने दिया। 45 मिनट के अंदर पुलिस पांचाें अपराधी, हथियार, बाइक और पैसा बरामद कर लिए।





