वाराणसी।केंद्रीय सूचना और प्रसारण एवं खेल मंत्री अनुराग ठाकुर इन दिनों देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में हैं। सोमवार सुबह अनुराग ठाकुर ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में टेबल टेनिस का आनंद लिया।अनुराग ठाकुर पूरी तरह से काशी के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं।अनुराग ठाकुर बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन और बीएचयू के कार्यक्रम के बाद सीधे कचौड़ी जलेबी का आनंद लेने काशी की एक दुकान पर पहुंचे। अनुराग ठाकुर काशी में तमिल संगमम पर बातचीत की और साथ ही हिमाचल प्रदेश के नतीजों पर कहा कि सरकार की तरफ से इतना करने के बाद भी जीत न मिलना दुखद है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि काशी का रंग ही ऐसा है,जिसमें रंगने का मजा है।बाबा विश्वनाथ के दर्शन और आशीर्वाद के बिना कोई भी दौरा अधूरा माना जाता है और यहां पर काशी के व्यंजन देखे बिना यहां का स्वाद अधूरा है। उन्होंने कहा कि यहां की कला, संस्कृति और साहित्य अपने आप में बहुत सारे लोगों को आकर्षित करता है।जब से प्रधानमंत्री मोदी ने यहां पर श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को बनवाया है, सुबह 4 बजे से ही दर्शन पूजन का दौर शुरू हो जाता है।काशी तमिल संगम में बहुत बड़ा फर्क देखने को मिल रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों को पता चला कि काशी से उनका गहरा रिश्ता हजारों वर्ष पुराना है।उन्होंने कहा कि मोदी जी ने कला, साहित्य, धर्म और खेलकूद को जोड़ने का काम किया है।यही युवा ब्रांड एंबेसडर होंगे, जब वहां जाकर यहां की संस्कृति, यहां के घाट और यहां के कॉरिडोर की बात करेंगे।यह अपने आप में बहुत कुछ बता रहा है कि मोदी जी ने दूरी को भी कम किया है।भाषा के गैप को भी कम किया है।
हिमाचल के नतीजों पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगर आप चुनाव की बात करते हैं तो चुनावों में जो हुआ वह बाद में देखा जाएगा,लेकिन अच्छा काम करने के बाद भी सरकार नहीं आई तो इसका दुख सभी को है।उन्होंने वर्तमान में कांग्रेस के मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं।गुजरात में भाजपा की जीत पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमने वहां शानदार प्रदर्शन किया और रिकॉर्ड तोड़ा। 150 से ज्यादा सीटें जीतना अपने आप में बड़ी कामयाबी है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों में अनुराग ठाकुर के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र हमीरपुर में आने वाली पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा की हार हुई है।पूर्व मुख्यमंत्री अनुराग ठाकुर के पिता प्रेमकुमार धूमल के निर्वाचन क्षेत्र सुजानपुर से कांग्रेस का प्रत्याशी 399 वोटों से जीत गया।इन चुनाव में धूमल को टिकट नहीं दिया गया था और उन्होंने खुद ही कहा था कि उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भोरंज सीट पर भाजपा प्रत्याशी सिर्फ 60 वोट से हार गया।हमीरपुर विधानसभा सीट पर भाजपा को एक निर्दलीय उम्मीदवार ने हराया, जबकि बरसर और नादौन सीटों पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीते। 8 दिसंबर यानी पिछले गुरुवार को आए चुनाव परिणामों में कुल 68 विधानसभा सीट वाले राज्य हिमाचल में कांग्रेस ने 40 सीटों पर जीत हासिल कर बहुमत का आंकड़ा पार किया, जबकि पिछले हफ्ते तक सत्तासीन रही भाजपा को सिर्फ 25 सीटों पर जीत मिली।तीन सीटों पर अन्य उम्मीदवार विजयी हुए।





