केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की एक सनसनीखेज धमकी मिली है। डाक के माध्यम से आए एक पत्र में स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए लिखा गया है कि “जल्द ही कट्टर आतंकवादी तुम्हारी हत्या कर देंगे।” इस धमकी भरे पत्र के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
पत्र में 2 मोबाइल नंबरों का जिक्र, स्रोत की जांच शुरू
यह धमकी किस व्यक्ति या किस संगठन की ओर से भेजी गई है, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। हालांकि, पत्र में दो मोबाइल नंबरों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें आधार बनाकर सुरक्षा एजेंसियां मामले की तह तक पहुंचने में जुट गई हैं। धमकी की सत्यता और इसके पीछे छिपी साजिश की गंभीरता से जांच की जा रही है।
कार्यालय ने केंद्रीय गृह सचिव को लिखा पत्र
धमकी के बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने तुरंत एक्शन लिया है:
- आधिकारिक शिकायत: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह ने 1 सितंबर को केंद्रीय गृह सचिव को पत्र जारी किया।
- त्वरित जांच की मांग: गृह मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि धमकी भरे संदेश के स्रोत और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए तुरंत गहन जांच शुरू की जाए।
- सुरक्षा ऑडिट: पत्र में यह याद दिलाया गया है कि चिराग पासवान को पहले से ही 'Z' श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, ऐसे में इस धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
"यह मामला सीधे तौर पर एक केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा से जुड़ा है। गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर जांच करने और आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।"
— मंत्रालय प्रतिनिधि
बढ़ाई जा सकती है चिराग पासवान की सुरक्षा
केंद्रीय मंत्री को मिली इस गंभीर धमकी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। माना जा रहा है कि गृह मंत्रालय इस पत्र की फॉरेंसिक और इंटेलिजेंस जांच के बाद चिराग पासवान के सुरक्षा घेरे को और अधिक सख्त तथा मजबूत कर सकता है।





