प्रतिनिधि,बड़कागांव। बड़कागांव केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार 2024 तक हर घर तक नल से जल पहुंचाने की बात कर रही है। इसके लिए काम भी किए जा रहे हैं,लेकिन दूसरी ओर स्वच्छ पेयजल के लिए बनी मिनी जल मीनार की दुर्दशा से सरकार के मंसूबे पर पानी फिरता नजर आ रहा है। लोगों को पीने के लिए स्वच्छ पेयजल मिले इसके लिए गांव-गांव में सोलर चलित जल मीनार लगाए गए हैं ताकि भीड़भाड़ वाले स्थानों और आवागमन करने वाले राहगीर को भी स्वच्छ पेयजल मिल सके,लेकिन रखरखाव के अभाव में जल मीनारों की स्थिति बेहद खराब चिंताजनक हो गई है। बड़ी संख्या में जल मीनार अब शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। जिसे लेकर दैनिक भास्कर हमेशा प्रमुखता के साथ इस मुद्दे को उठाता रहा है।





प्रखंड के इन स्थानों पर जन मीनार खराब पड़ा है। बड़कागांव प्रखंड के ग्राम अंगों, देवगढ़ ,चरका पत्थर, डूमर बेड़ा, खरांटी, गरसूला, पसेरिया ,इंदिरा, लुरंगा, पचेंडा, आदि गांव में जल मीनार खराब है ।जब इसकी सूचना बड़कागांव पूर्वी जिला परिषद सदस्य गीता देवी एवं प्रतिनिधि दीपक करमाली को मिला तो गांव का भ्रमण कर जल मीनार के बारे में जानकारी लिए तत्पश्चात उन्होंने पीएचडी विभाग के लोगों से संपर्क किया और शिकायत भी किए पर प्रशासनिक व्यवस्था और पदाधिकारियों के लेट लतीफ रवैया के कारण जल मीनारों की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उसके बाद जल मीनार को बनाने वाले ठेकेदार से भी उन्होंने संपर्क किया पर परिणाम कुछ भी नहीं निकला।





बताते चलें कि इस योजना को बनाने के लिए जिस ठेकेदार को दिया गया था उन्हें 5 साल तक की रखरखाव का भी की जवाबदेही भी उन्हीं के ऊपर है पर ऐसा नहीं हो रहा है। समस्या का समाधान नहीं होने पर बड़कागांव पूर्वी जिला परिषद सदस्य गीता देवी ने कहा कि अब मैं इसकी शिकायत लिखित रूप से जिला उपायुक्त हजारीबाग को करूंगी ताकि जल्द से जल्द जल मीनार का मरम्मत हो और लोगों को पानी मिल सके।