पश्चिमी सिंहभूम।झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में गिरिराज सेना के मुखिया कमलदेव गिरि की शवयात्रा में रविवार को जमकर बवाल हुआ।शवयात्रा के दौरान दो समुदायों में जमकर पत्थरबाजी हुई।इस दौरान एक दर्जन लोग घायल हुए हैं।पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोले दागकर दोनों समुदायों को अलग किया।पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है और पुलिस पैदल मार्च कर रही है।एसपी और डीसी खुद चक्रधरपुर में कैंप किए हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।





कमलदेव गिरि की बम मारकर हत्या





आपको बता दें कि शनिवार शाम गिरीराज सेना के मुखिया कमलदेव गिरि की बम मारकर हत्या कर दी गई थी।कमलदेव गिरि की हत्या के बाद पूरे चक्रधरपुर शहर में तनाव फैल गया था।तनाव को देखते हुए चक्रधरपुर को रैफ के हवाले कर निषेधाज्ञा लागू कर दी गयी है।प्रशासन की मौजूदगी में कमलदेव गिरि के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर रविवार को दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे हजारों की भीड़ के बीच कमलदेव गिरि की शवयात्रा निकाली गयी। इसमें शामिल लोग हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।पवन चौक पहुंचने के बाद भीड़ ने शव को सड़क पर रख पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।इस बीच कुछ महिलाएं मौके पर मौजूद एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों से हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर हंगामा करने लगीं।





19 नवंबर तक शहर में लागू हुई धारा-144





शनिवार देर शाम कमलदेव गिरि की बम मारकर हत्या के बाद से ही शहर में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने देर रात 19 नवंबर तक धारा 144 लागू कर दी थी।शहर के सभी संवेदनशील जगहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस और रैफ के जवानों को तैनात किया था,लेकिन प्रशासन की सभी तैयारी धरी की धरी रह गयी।रविवार को दो समुदायों में पत्थरबाजी हो गयी।पत्थरबाजी में एक दर्जन लोग घायल हो गए।





भारी सुरक्षा के बीच शव का हुआ अंतिम संस्कार





स्थिति नियंत्रण में आने के बाद कमलदेव गिरि के समर्थक शव लेकर कुदरीबाड़ी श्मशान घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार किया गया।तनाव वाले इलाकों में पुलिस पैदल मार्च कर रही है। पत्थरबाजी के बाद पूरे इलाके में तनाव है।