रांची।झारखंड में कुछ दिनों के बाद सनहा दर्ज कराने के लिए थाना नहीं जाना पड़ेगा।सनहा की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का लिए तैयारी जोरों पर है।पासपोर्ट गुम होना, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब होने पर संबंधित विभागों में थाने की मुहर अनिवार्य नहीं होगी।ऑनलाइन सनहा में मिली रिपोर्ट को वैध माना जाएगा।





वर्तमान में झारखंड ऑनलाइन एफआईआर सिस्टम (जेओएफएस) पर यह व्यवस्था तो है,लेकिन अब भी थाने की मुहर लगाने की बाध्यता संबंधित कुछ परेशानियां हैं,जिसकी वजह से यह ऑनलाइन पोर्टल अभी उतना कारगर नहीं है, जितना इसको होना चाहिए।जिस डिजिटल प्लेटफार्म पर काम चल रहा है।उसके धरातल पर उतरने से थाने की मुहर के स्थान पर क्यूआर कोड आदि जेनरेट होगा। संबंधित विभाग थाने की मुहर के लिए बाध्य नहीं करेंगे। वे अपने सिस्टम पर उसकी वैधता खुद से जांच सकेंगे।





जानें क्या है सनहा





मोबाइल गुम हो जाए, कोई लापता हो जाए जैसी अन्य वैसी शिकायतें, जिसमें आइपीसी की धाराएं नहीं लगतीं,जिसमें एफआईआर की जरूरत नहीं होती, वैसी शिकायतें सनहा के अधीन आती हैं। डीजीपी के आदेश पर इस व्यवस्था को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया चल रही है।





आम जनता को किया जाएगा जागरूक





इसके लिए सॉफ्टवेयर अद्यतन किया जा रहा है। यह व्यवस्था धरातल पर उतारने के बाद आम जनता को इसके प्रति जागरूक किया जाएगा। यह व्यवस्था होने से थाने में भागमभाग की स्थिति नहीं बनेगी।उदाहरण के लिए अगर किसी की मोबाइल गुम हो गया और उसे थाने में इसकी शिकायत करनी है तो वह भविष्य में जारी होने वाले अपग्रेड पोर्टल पर जिला, थाने का चयन करेगा। वहां अपने मोबाइल की डिटेल भरेगा, उसके संबंधित दस्तावेज व अपना पहचान पत्र अपलोड करेगा।सनहा का पूरा ब्यौरा संबंधित थाने में चंद सेकेंड में पहुंच जाएगा। इससे पीड़ित व पुलिस दोनों के समय बचेंगे और समय पर पुलिस भी अपना कार्य पूरा कर सकेगी।





पीड़ित को फार्म भरने के बाद आनलाइन ही सनहा नंबर भी मिल जाएगा। पीड़ित को उसकी हार्ड कापी लेकर थाना से मुहर लगाने के लिए जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी।