प्रतिनिधि,चतरा। जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में तीन अप्रैल को अर्धसैनिक बलों के साथ हुई मुठभेड़़ में 25-25 लाख रुपए के दो इनामी गौतम पासवान व चार्लीस उरांव व 5 लाख रुपए के इनामी तीन अन्य माओवादी उग्रवादियों के मारे जाने के खिलाफ माओवादियों द्वारा 20 व 21 अप्रैल को बिहार-झारखंड में बुलाई गई बंदी के पहले दिन चतरा जिला में कोई असर नहीं देखा गया। अन्य दिनों की भांति बस स्टैंड में यात्रियों की लंबी लाइन देखी गई तथा लंबी व मध्यम दूरी के यात्री बसों का परिचालन जारी रहा।





जिला मुख्यालय व ग्रामीण क्षेत्रों में बाजारों में चहल पहल रही। बैंक व दुकानों पर भी कोई असर नहीं देखा गया। वहीं टंडवा व पिपरवार कोयलांचल में कोयले की ढुलाई जारी रही। वहीं दूसरी ओर बंदी की घोषणा के मद्देनजर चतरा पुलिस ने चाक चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। किसी भी अप्रिय वारदात से निपटने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रकार की अप्रिय वारदात की सूचना नहीं है।





आपको बताते चलें कि पूर्वी बिहार एवं पूर्वोत्तर झारखंड स्पेशल एरिया कमिटी भारत के कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) प्रवक्ता प्रतीक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 20-21 अप्रैल को झारखंड-बिहार बंद का ऐलान किया है। जारी विज्ञप्ति में प्रतीक ने चतरा पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने का आरोप लगाया है।