वाराणसी।काशी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी को लेकर दायर याचिकाओं की पोषणीयता के मामले में सोमवार को जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता ने अपनी दलीलों को पेश किया और वादी पक्ष के दावे पर आपत्ति दर्ज कराईं।अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार जुलाई की तारीख निर्धारित की है।मसाजिद कमेटी की ओर से इस मामले को खारिज करने के पक्ष में दलीलें भी पूरी नहीं हुई है।अगली सुनवाई में दलीलें पूरी होने के बाद वादी पक्ष और जिला शासकीय अधिवक्ता पक्ष रखेंगे।





ज्ञानवापी मस्जिद परिसर हिंदुओं को सौंपने और पूजा-पाठ की मांग के साथ ही इसमें मुस्लिम पक्ष के प्रवेश पर रोक की मांग को लेकर दायर वाद पर सोमवार को सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। अदालत ने वादी समेत तमाम पक्षकारों से मुकदमे पर आपत्ति मांगी। मामले की अगली सुनवाई अब 8 जुलाई को होगी।





श्रृंगार गौरी ज्ञानवापी मामले में निर्मोही अखाड़े ने भी पक्षकार बनने के लिए जिला जज की अदालत में एक आवेदन दिया है। ज्ञानवापी में नित्य दर्शन-पूजन और हिंदुओं के अधिकार को लेकर ये याचिका दायर की गई है।याचिका में निर्मोही अखाड़े को पक्षकार बनाए जाने की मांग की गई है।







जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में आज लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने रूल 1 आदेश 10 के तहत पक्षकार बनने और पोषणीयता पर सुनने का अनुरोध किया। आवेदन में कहा गया है कि आदेश 7 नियम 11 में पोषणीयता के जिस मुद्दे पर सुनवाई चल रही है, उसमें प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान को पक्षकार नहीं बनाया गया है। जो मुख्य देवता हैं और आवश्यक पक्षकार है। ऐसे में उनका पक्ष सुना जाना आवश्यक है। बता दें कि अदालत में पक्षकार बनने के लिए महंत कुलपति तिवारी समेत कई अन्य लोगों ने आवदेन दिया है।





विश्व वैदिक हिंदू सनातन संघ प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली संस्था अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की अपील की है। उन्होंने इंतजामिया कमेटी पर वर्शिप एक्ट का उल्लंघन वा साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। इससे पहले उन्होंने चौक थाने में प्रार्थना पत्र भेजा था। चौक थाने में मुकदमा न होने के बाद उन्होंने आज कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।





आपको बता दें कि ज्ञानवापी मामले में जिला जज की अदालत के अलावा फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी सुनवाई को लेकर अदालत परिसर में सुबह से ही काफी गहमागहमी रही।पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती अदालत परिसर में की गई थी।पुलिस अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था परखी।