विशेष संवाददाता,रांची। झारखंडी सूचना अधिकार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष और आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कहा कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य सरकार हर जिले में महीने में एक बार जनता दरबार का आयोजन करे। जनसमस्याओं को प्राथमिकता देते हुए इसके निदान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा एक सुनिश्चित दिन तय कर जनता दरबार लगाने की घोषणा की जाय। ताकि राज्य की जनता उनके पास समस्याओं को लेकर जा सके। साथ ही मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं डीजीपी अपने चेंबर में भी प्रतिदिन राज्य की जनता से भेंट करने का समय निर्धारित करें।
विजय शंकर नायक ने कहा कि जनता अपने काम को लेकर जब अधिकारियों के पास पहुंचती है तो उन्हें अधिकारियों की उपेक्षा और कभी-कभी उनकी प्रताड़ना का भी शिकार होना पड़ता है।जनसमस्याओं को प्रखंड एवं जिलास्तरीय पदाधिकारियों द्वारा अनदेखी करने की बातें सुनने को मिलती हैं,जिस कारण जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शीर्ष पदाधिकारी से भेंट करने का प्रयास करती है, लेकिन उनके पास जनता से मिलने का समय नहीं रहता है। इससे सरकार के प्रति लोगों का जनाक्रोश बढ़ता है। वर्तमान में मुख्यमंत्री जनता दरबार बंद कर दिए हैं।इसे पुन: शुरू करने की उन्होंने मांग की।
विजय शंकर नायक ने कहा कि मुख्य सचिव एवं डीजीपी की जनता दरबार लगाकर झारखंड मे एक नई परंपरा की शुरुआत करते हुए एक दिन जनता के नाम (जनता दरबार) आयोजित किया जाय, जिससे जनता अपनी समस्याओं को उनके बीच रख सके।





