झारखंड आंदोलनकारियों को मिलेगा क्षैतिज आरक्षण का लाभ:विद्यार्थी
गृह विभाग से मिला झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का प्रतिनिधि मंडल
झारखंड आंदोलनकारियों का सम्मान पूरे राज्य का सम्मान है:पुष्कर महतो
वरीय संवाददाता,रांची।झारखंड आंदोलनकारियों की स्वाभिमान,अस्तित्व व अस्मिता की रक्षा के लिए जेल जाने की बाध्यता को समाप्त कर राज्य गठन की तिथि से सभी को समान रूप से मान -सम्मान, पहचान, पेंशन एवं नियोजन वगैरह सुविधाएं देने की मांग को लेकर गिरी कर आपदा विभाग के संयुक्त सचिव रवि शंकर विद्यार्थी से झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा का एक प्रतिनिधि मंडल मिला एवं मांगपत्र पर बिंदुवार चर्चा हुई। चर्चा के दौरान संयुक्त सचिव रवि शंकर विद्यार्थी ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों के पुत्र पुत्रियों एवं आश्रितों को योग्यता अनुसार 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ सभी विभागों में समान रूप से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी को प्रशस्ति पत्र विशेष स्मृति , विशेष स्मृति चिन्ह, मान सम्मान व पेंशन राशि का लाभ दिया जाएगा। आंदोलनकारियों की समस्याओं से गृह विभाग वाक़िफ़ है। चिंहिती करण का कार्य तेज गति से किया होगा। इस संबंध में प्रत्येक जिला को निर्देश दिया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि सभी आंदोलनकारियों को पेंशन राशि छठ पर्व से पूर्व मिल जाएगा। आवंटन राशि प्रत्येक जिला को भेज दिया गया है।आंदोलनकारी दुखी न हो। उन्होंने कहा कि जेल जाने की बाध्यता समाप्त करने एवं 50-50 हजार रुपए सम्मान राशि देने के मामले के संदर्भ में उच्च स्तरीय कमेटी को पत्र प्रेषित किया जाएगा।
इस मौके पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक एवं प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने सयुक्त सचिव रवि शंकर विद्यार्थी द्वारा किए सकारात्मक पहल के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य लंबे संघर्ष एवं शहादत के बाद हुआ है। अलग राज्य के लिए संघर्ष एवं शहादत देने वाले एवं उनके परिवार आज हाशिये में है।
झारखंड आंदोलनकारियों की स्वाभिमान, अस्तित्व व अस्मिता की रक्षा के लिए जेल जाने की बाध्यता को समाप्त कर राज्य गठन की तिथि से सभी को समान रूप से मान -सम्मान, पहचान, पेंशन सम्मान राशि 50-50 हजार रुपये एवं नियोजन आंदोलनकारी के पुत्र - पुत्रियों एवं आश्रितों को दिया जाए। साथ ही साथ झारखंड आंदोलनकारियों को मेडिकल की सुविधाएं सपरिवार एवं के जी टू पी जी तक निशुल्क शिक्षा व झारखंड आंदोलनकारी दिशुम गुरु अबुआ आवास की सुविधाएं दी जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी को वर्तमान समय में 2021 से दिए जाने वाले सम्मान राशि/ पेंशन के आवंटन हेतु बने संकल्प की त्रुटि को दूर करते हुए सभी को 2015 से मुहैया कराया जाए। राज्य के विभिन्न जिलों के आंदोलनकारियों के संपुष्टि एवं अभिसूचित हो जाने के बाद भी सम्मान राशि नहीं दिए गए हैं। इन जिलों में जामताड़ा, खूंटी , गढ़वा, रांची ,धनबाद ,बोकारो गिरिडीह ,कोडरमा, पलामू ,लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा,दुमका, हजारीबाग ,गुमला,पाकुड़, पूर्वी सिंहभूम, ईचागढ़ ,पश्चिमी सिंहभूम के बकाया सम्मान राशि एवं एरिएर का भुगतान शीघ्र किया जाए। झारखंड आंदोलनकारी चिन्हतीकरण आयोग में लंबित आवेदनों का निष्पादन युद्ध स्तर पर किया जाए।सभी आंदोलनकारियों को झारखंड आंदोलनकारी प्रशस्ति पत्र एवं विशेष स्मृति चिन्ह राजकीय सम्मान समारोह आयोजित कर प्रदान किया जाए। उन्होंने गृह विभाग से शिकायत की कि व्यक्तिगत कारणों व निजी दुश्मनी/ गुटबाजी से किसी आवेदक का आवेदन को रोका नहीं जाना चाहिए। जिस प्रकार प्रफुल्ल तातवा, जरमुंडी,दुमका को आंदोलनकारी होने का सभी प्रकार से अहर्ता होने के बावजूद उसे परेशान किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में संयोजक इजहार राही,इंतियाज खान, दुलाल राय उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ,जगत महतो, दिवाकर साहू, वसीम खान, अली मोहमद, बीपी साहू शामिल थे।





