विशेष संवाददाता
रांची। झारखंड प्रदेश जवाहरलाल नेहरू बस सेवा कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर रांची के उपायुक्त और नगर आयुक्त को अपना मांग पत्र सौंपा।नगर आयुक्त ने मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की बात की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि रांची नगर निगम द्वारा रांची शहर में आम जनता को गंतव्य पर पहुंचाने के लिए जवाहर लाल नेहरू पुनुस्त्थान शहरी मिशन योजना के तहत बस सेवा की शुरूआत 2010 में रांची शहर में विधिवत शुरू की गई। उसी समय से लगभग 100 बसें नगर निगम के द्वारा विभिन्न मार्गों पर संचालित करने का निर्देश दिया गया। रांची शहर के कचहरी चौक से तुपुदाना तक रातु रोड से धुर्वा गोलचक्कर तक अभी बसों का परिचालन किया जा रहा है, सभी बसों में कम से कम तीन कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन इन्हें किसी तरह का लाभ, सरकार की ओर से नहीं दी जाती है न तो ड्राइवर को तन्खाह, ना ही कर्मचारियों का किसी तरह का सुविधा या वेतन भुगतान किया जा रहा है। कर्मचारियों को किसी भी तरह की सुविधा जो सरकार के द्वारा कर्मचारियों को दी जाती है वो नहीं दी जा रही है, जो सरासर श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन है, इसलिए मांग की गई है कि जवाहर शहरी पुनुरूत्थान शहरी मिशन द्वारा संचालित बस सेवा प्राप्ति एवं प्रेषण कार्यरत कर्मचारियों को झारखण्ड सरकार के द्वारा घोषित श्रम कानूनों के तहत कर्मचारी मानें।
ज्ञातव्य है कि पिछले दिनों अखबारों के माध्यम से जवाहर लाल नेहरू पुनुरूत्थान शहरी मिशन द्वारा संचालित बसों का निविदा निकाली गई है और निविदा 17.01.2023 को निर्धारित की गई है, जब तक कार्यरत कर्मचारियों को पूरा मांग पूरा नहीं की जाती है, और उनके कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं लाया जाता है, जब तक निविदा रद्द करने की मांग की गई है। जो जानकारी संरक्षक इम्तियाज अहमद खान ने दी।





