रांची।झारखंड के अपराधियों को जेल पहुंचाने के लिए पुलिस ने एक्शन प्लान तैयार किया है। पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा ने कुछ जिलों में हुई आपराधिक घटनाओं को बड़ी गंभीरता से लिया है।इन घटनाओं में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी और झारखंड में अपराध पर नियंत्रण को लेकर गुरुवार को डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों से साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक समीक्षा बैठक की।





डीजीपी ने दो दिन पहले राजधानी रांची में हुई ज्वेलर की हत्या के मामले में एसआईटी भी गठित की है। साथ ही झारखंड में अपराध नियंत्रण के लिए कार्य योजना बनाकर समय पर कार्रवाई के लिए अफसरों की जिम्मेदारी निर्धारित की गयी।डीजीपी ऑफिस में हुई इस बैठक में बोकारो के आईजी, रांची और बोकारो के रीजनल आईजी, रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी और सरायकेला एसपी के अलावा अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।





डीजीपी सिन्हा ने हाल के दिनों में रांची, जमशेदपुर, सरायकेला, बोकारो, एवं धनबाद जिला में हुई आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की। उन्होंने इन घटनाओं में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दिया। बैठक में कार्य योजना का अनुपालन कराने की जिम्मेदारी रीजनल आईजी को दी गई है। संबंधित अधिकारी आईजी को अनुपालन प्रतिवदेन देंगे। आईजी अनुपालन की मॉनिटरिंग करते हुए प्रतिवेदन आईजी (अभियान) एवं अपराध अनुसंधान विभाग को देंगे, ताकि इसकी समीक्षा की जा सके।





डीजीपी सिन्हा ने हिदायत दी कि सभी एसएसपी/एसपी अपने अधीनस्थों के साथ प्रतिदिन वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक करेंगे।थाने में प्रतिदिन बैठक कर लक्ष्य निर्धारित करें और लक्ष्य प्राप्ति की समीक्षा करें। बैठक में निर्देश दिया गया कि वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ कुर्की जब्ती की कार्रवाई करनी है। लंबित कांडों का उद्भेदन, उद्भेदित कांडों का अनुसंधान और गिरफ्तार अपराधियों के जमानत की निगरानी करनी है। कुख्यात अपराधियों की जमानत रद्द करने की कार्रवाई में भी तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।





डीजीपी सिन्हा ने कहा कि जिलों में आपराधिक गिरोहों, अपराधियों का सत्यापन करते हुए उनको प्राप्त होने वाले वित्तीय स्रोतों को रोकना,अपराधियों का डाटाबेस तैयार करना,अपराधियों का भौतिक सत्यापन और उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करना,आवश्यकता अधारित बलों की तैनाती,सीसीटीवी कैमरा का प्रभावी उपयोग और स्थापना,जिला स्तर पर एसआईयू का संचालन। उन्होंने कहा कि डीएसपी को कांडों के पर्यवेक्षण का टारगेट,शहरी क्षेत्रों में बीट पुलिसिंग, 18 वैज्ञानिक तकनीक से अनुसंधान,रंगदारी रोकने के लिए रेलवे साईडिंग पर नजर, जेल एवं जेल में बंद अपराधियों की निगरानी,टीओपी में बलों प्रतिनियुक्ति एवं गश्ती। हेल्पलाइन नंबर जारी करना, एंटी क्राइम चेकिंग।





डीजीपी सिन्हा ने कहा कि आपराधिक घटनाओं के उद्भेदन एवं घटना में शामिल अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करें। थाने में प्रतिदिन पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर लक्ष्य निर्धारित करें और लक्ष्य प्राप्ति की समीक्षा करें।





आपको बता दें कि पिछले दिनों राजधानी रांची के डेली मार्केट थाना क्षेत्र में ज्वेलर राजेश पाल की हत्या में शामिल अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। डीजीपी ऑफिस से गठित एसआईटी का नेतृत्व रांची के डीआईजी करेंगे। वहीं रांची के एसएसपी, सिटी एसपी एवं एटीएस के एसपी को भी एसआईटी में शामिल किया गया है। इसके साथ ही रांची जिले में समय समय पर एंटी क्राइम चेकिंग होगी और साथ ही राजधानी में अपराध नियंत्रण के लिए जैप/आईआरबी की 10 इको कंपनियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।