झारखंड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा के पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पत्थर उत्खनन एवं इस कारोबार से जुड़े क्रशर प्लांट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को 65 स्टोन क्रशरों पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर दिया।शनिवार की सुबह से जिला खनन टास्क फोर्स के अलावा जिला प्रशासन की 15 टीमों ने अवैध रुप से चल रहे क्रशरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की। लीजधारी खनन पट्टा वाले पत्थर खदानों के लीज एरिया का भी सत्यापन किया गया है। 8 पत्थर कारोबारियों को हिरासत में लिया गया है। शिकारीपाड़ा पत्थर औद्योगिक क्षेत्र में एक दिन में 65 अवैध स्टोन क्रशर प्लांटों को बुलडोजर चला कर ध्वस्त कर देने की ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
दुमका के डीसी रविशंकर शुक्ला खुद इस कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे हैं। अवैध पत्थर उत्खनन के विरुद्ध जिला प्रशासन की इस कार्रवाई में डीसी ने दुमका के डीडीसी कर्ण सत्यार्थी, डीएफओ एसडीओ महेश्वरी महतो, डीएमओ केके किस्कू, एसडीपीओ नूर मुस्तफा अंसारी और 14 दंडाधिकारियों सहित कुल 200 से अधिक अधिकारियों एवं कर्मियों को लगाया था। शिकारीपाड़ा में लगातार तीसरे दिन जिला प्रशासन द्वारा अवैध पत्थर उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान कुलकुलीडंगाल में दो स्थानों पर अवैध विस्फोटक भी बरामद हुए हैं। जिला खनन पदाधिकारी कृष्णा कुमार किस्कू ने बताया कि 65 से अधिक स्टोन क्रशरों को ध्वस्त किया गया है।अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान तीन हाइवा और एक पोकलेन भी जब्त किया गया है। जब्त वाहनों की जांच की जा रही है।
दुमका में जिला प्रशासन द्वारा एक-एक कर अवैध तरीके से संचालित क्रशर प्लांट को ध्वस्त करने की प्रक्रिया जारी है।अब तक चिरुडीह, मकरापहाड़ी में तकरीबन 30 से अधिक क्रशर प्लांट पर प्रशासन का बुलडोजर चल चुका है। इनमें कुछ चर्चित और बड़े पुराने पत्थर कारोबारी के क्रशर प्लांट भी शामिल हैं। कुलकुली डंगाल में कुछ खदान के कार्यालयों को सील किया गया है तथा हाइवा और पोकलेन जब्त किए गए हैं। हरिनसिंघा के रैकपोइंट के पास भी टीम की जांच जारी है।





