रांची।झारखंड में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का अंतर जिला तबादला पंचायत चुनाव के बाद होगा। पिछले महीने कैबिनेट की बैठक में अंतर जिला तबादला नियमावली को मंजूरी तो मिल गई,लेकिन इसकी अधिसूचना जारी नहीं हो सकी है।पंचायत चुनाव के आचार संहिता के कारण इसे जारी नहीं किया गया है। पंचायत चुनाव के नतीजे जारी होने के बाद अधिसूचना निकाली जाएगी और साथ ही शिक्षकों के अंतर जिला तबादला की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।





आपको बता दें कि झारखंड में शिक्षकों के तबादले लंबे समय से नहीं हो सके है। 2015-2016 की नियुक्ति प्रक्रिया में लगभग सात हजार ऐसे शिक्षक हैं,जिनकी नियुक्ति दूसरे जिलों में की गई थी।ऐसे शिक्षक अपने जिलों में तबादला कराने की लगातार मांग कर रहे है। 2019 में राज्य के शिक्षकों के तबादले समेत अंतर जिला तबादला नियमवाली बनायी गई और पांच जोन निर्धारित किया गया। इसमें भी शिक्षकों की पूरी सेवा को बांटा गया और उन्हें पूरी सेवा के दौरान पांचों जोन में सेवा देनी है। वर्तमान सरकार ने नियमावली में संशोधन किया है। शिक्षकों के जोन वार तबादले के साथ-साथ अंतर जिला तबादला भी हो सकेगा। अंतर जिला तबादला में फिलहाल महिलाओं, सरकारी सेवा वाले पति-पत्नी, असाध्य रोगी और दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।





अंतर जिला तबादला के लिए जिलावार आवेदन लिए जाएंगे। पंचायत चुनाव के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। जिलों से ये आवेदन प्राथमिक शिक्षा निदेशालय मंगाया जाएगा और यहीं से प्राथमिकता के आधार पर उन शिक्षकों का अंतर जिला तबादला हो सकेगा।





अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने बताया है कि शिक्षकों के अंतर जिला तबादले की लगातार मांग की जा रही है। पूर्व में नियमावली भी बनी,लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। फिर से नियमावली संशोधित हुई है। शिक्षकों को आशा है कि लंबे समय से दूसरे जिलों काम करने के बाद वे अपने जिलों में आ जाएंगे।