रांची: झारखंड में आगामी परीक्षाओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन ने जिला स्तर पर अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। अब से राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त (DC) स्वयं 'जिला परीक्षा नियंत्रक' की भूमिका निभाएंगे। उन्हें परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने और गोपनीय सामग्रियों की त्रिस्तरीय सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है।
गोपनीय सामग्री की 24x7 सीसीटीवी निगरानी
परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार:
- सुरक्षित स्टोरेज: प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं जैसी सभी अत्यंत गोपनीय सामग्रियों को जिले के मुख्य कोषागार (Treasury) या उपकोषागार (Sub-Treasury) में रखा जाएगा।
- 24/7 डिजिटल पहरा: इन संवेदनशील स्थानों की 24 घंटे सातों दिन (24x7) सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी की जाएगी।
- सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन: कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को ले जाने के लिए तयशुदा एसओपी (SOP) का पालन अनिवार्य होगा।
परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस की मुस्तैदी
परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है। हर परीक्षा केंद्र पर:
- स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
- पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट उड़नदस्ते के रूप में लगातार केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।
- केंद्राधीक्षकों के साथ समन्वय बनाकर परीक्षा समाप्त होने तक चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रखी जाएगी।
सोशल मीडिया और अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल की नजर
अक्सर परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया पर पेपर लीक या भ्रामक अफवाहें फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जाती है। इससे निपटने के लिए:
- जिला स्तर पर विशेष साइबर सेल गठित किया गया है।
- यह सेल सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेकर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
इसे भी पढ़ेंः छत्तीसगढ़ के इंटेलिजेंस चीफ समेत 6 CBI अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने का निर्देश
हर जिले में 24x7 कंट्रोल रूम और इमरजेंसी नंबर
किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या तुरंत समन्वय के लिए प्रत्येक जिले में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए जाएंगे, जिससे परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
जिला परीक्षा नियंत्रक के रूप में उपायुक्त (DC) शिक्षा विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच निर्बाध समन्वय (Coordination) स्थापित करेंगे, ताकि राज्य में एक भी अप्रिय घटना के बिना परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।
सम्पादकीय टिप्पणी: उपलब्ध आधिकारिक रिपोर्ट में विशिष्ट परीक्षा का नाम, आदेश जारी करने वाले प्राधिकारी और जारी करने की तिथि का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। समाचार प्रकाशन से पूर्व संबंधित विभाग से इन विवरणों की पुष्टि की जा सकती है।
#JharkhandNews #JharkhandExams #ExamSecurity #CyberCellWatch #FairExams #RanchiNews #BreakingNewsHindi





