केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेताओं के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। रिजिजू ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पवन खेड़ा पर असम चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनीकी भुयान सरमा के खिलाफ झूठे आरोप लगाने का गंभीर दावा किया है। रिजिजू के मुताबिक, इस झूठ के बदले ही खेड़ा को राज्यसभा की सीट से नवाजा गया।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के हवाले से रिजिजू का ट्वीट
बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा कि कांग्रेस के ही दो वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें इस सच से अवगत कराया है।
- झूठे आरोपों का खेल: रिजिजू ने दावा किया कि राहुल गांधी के कहने पर पवन खेड़ा ने असम चुनाव के आखिरी क्षणों में हिमंत बिस्वा सरमा पर बेबुनियाद आरोप लगाए थे।
- राज्यसभा सीट का 'इनाम': केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जब यह हथकंडा उल्टा पड़ गया, तो पवन खेड़ा को इनाम के तौर पर वह राज्यसभा सीट दी गई, जिसके वे असल में हकदार नहीं थे।
अर्धनग्न तैराकी के तंज से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के एक बयान से हुई। खेड़ा ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए किरेन रिजिजू और गिरिराज सिंह पर निशाना साधा था।
- खेड़ा ने तंज कसा था कि रिजिजू बिना इजाजत अर्धनग्न तैराकी करने नहीं जा सकते और गिरिराज सिंह पर भी अभद्र टिप्पणी की थी।
- उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की नीतियों से भाजपा में घबराहट का माहौल है।
किरेन रिजिजू का पलटावार: 'क्या सूट-बूट पहनकर स्विमिंग करते हैं खेड़ा?'
रिजिजू ने पवन खेड़ा की टिप्पणियों का करारा जवाब देते हुए उनकी अनुशासनहीनता पर असम के मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही।
- शालीनता पर सवाल: रिजिजू ने सवाल उठाया, "क्या पवन खेड़ा पूरे सूट-बूट में स्विमिंग करने जाते हैं?"
- संसदीय अनुभव का फर्क: रिजिजू ने साफ किया कि वे आठ बार चुनाव लड़कर जनता के बीच से आए हैं, जबकि खेड़ा पहली बार के मनोनीत राज्यसभा सांसद हैं। मनोनीत होने से किसी को अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं मिल जाता।
- साधारण जीवनशैली: केंद्रीय मंत्री ने अंत में कहा कि वे अपने गांव के लोगों के साथ स्विमिंग करके उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करते हैं। आम लोगों के बीच रहते समय उनके दिमाग में राहुल गांधी का विचार तक नहीं आता और न ही वे इस तरह की बयानबाजी के लिए कोई ट्रेनिंग लेते हैं।





