रांची ।टेरर फंडिंग मामले में एनआईए ने शुक्रवार को रांची और पिपरवार में एक साथ सात स्थानों पर छापेमारी की। रांची में टंडवा के पूर्व उप प्रमुख बबलू मुंडा के कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे स्थित लावण्या अपार्टमेंट के फ्लैट के अलावा चतरा के बिलारी में बबलू मुंडा के आवास पर छापेमारी के दौरान गहन जांच की गयी।इसके अलावा पिपरवार थाना क्षेत्र के ही किचटो में जानकी महतो, बेंती में रोहण गंझू, बेंती पंचायत के पूर्व उप मुखिया नागेश्वर गंझू व जोभिया में महेंद्र गंझू के यहां चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज खंगाले गये।ये छापेमारी एनआईए की टीम ने अलग-अलग ग्रुप बना कर एक साथ की।





सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों गिरफ्तार हुए टीपीसी के सब जोनल कमांडर भीखन गंझू ने पुलिस और एनआईए को दिए बयान के बाद टेरर फंडिंग को लेकर छापेमारी की गई।इस छापेमारी में एनआईए के 30 से अधिक अधिकारी शामिल रहे।छापेमारी के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया गया।इनसे पूछताछ जारी है।





टीम ने छापेमारी के दौरान जमीन के कागजात समेत अन्य दस्तावेजों को जब्त किया है।इसकी जांच की जा रही है।चतरा पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन भी छापेमारी के दौरान पिपरवार पहुंचे।उनके द्बारा भी इस मामले को लेकर सभी बिन्दुओं पर नजर रखी जा रही है।





एनआईए की टीम की छापेमारी के दौरान सभी लोगों के घरों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई।छापेमारी के दौरान एनआईए की टीम मीडिया से बचती नजर आई। छापेमारी का कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को फोटो और वीडियो खींचने से रोक दिया गया।





एनआईए की छापेमारी से पूरे पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। छापेमारी के दौरान चारों तरफ पुलिस को देखते हुए गांव के लोग अपने अपने घरों में दुबक गए। गांव के लोगों से पूछने पर कोई भी व्यक्ति कुछ नहीं बता रहा था।





एन‌आईए के अनुसार चतरा के आम्रपाली और मगध कोल परियोजना क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने अवैध संचालन समिति गठित की थी।यह समिति उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के लिए उगाही का काम करती थी।टीएसपीसी का पूर्व में नाम टीपीसी था। समिति ठेकेदारों, ट्रांसपोर्टरों, डीओधारकों और कोयला व्यवसायियों से उग्रवादी संगठन के गोपाल सिंह भोक्ता, मुकेश गंझू, कोहराम जी, आक्रमण जी, अनिश्चय गंझू, भीकन गंझू, दीपू सिंह उर्फ ​​भीखन और बिंदु गंझू के लिए अवैध धन जुटा रही थी।





मामले को लेकर पूर्व में टंडवा थाना में 11 जनवरी 2016 को कांड संख्या 02/2016 दर्ज किया गया था, जबकि मामले का टेकओवर कर 16 फरवरी 2018 को एनआईए ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी।लोगों पर उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के लिए कोल परियोजनाओं से उगाही का आरोप है।





एनआईए टीम सुबह पांच बजे ही पिपरवार और रांची के ठिकानों पर पहुंच गयी थी।टीम पूछताछ के दौरान बाद बबलू मुंडा का मोबाइल, राइफल का लाइसेंस और टीएसपीसी से जुड़ी कमेटी के पुराना कागजात अपने साथ लेकर गयी।बबलू सागर मुंडा ने बताया कि एनआईए ने नौ घंटे में फ्लैट के तीन कमरों की तलाशी ली।टीम घर का सर्च वारंट लेकर पहुंची थी।





टीम को गिरफ्तार टीएसपीसी प्रमुख भीखन गंझू से जानकारी मिली थी कि उसने 200 करोड़ रुपए बबलू को दिये थे।टीम उसी 200 करोड़ की खोज में बबलू के घर पहुंची थी। टीम को न तो रुपए और ना ही किसी प्रकार की ज्वेलरी ही मिली। जांच टीम ने बबलू को भीखन गंझू से मिले 200 करोड़ की जानकारी के साथ उसके कारोबार और टीएसपीसी से जुड़े उसके संबंध सहित कई अन्य जानकारी हासिल की।