प्रतिनिधि,जमशेदपुर।कोरोना महामारी के दो सालों बाद शुक्रवार को एक बार फिर से बिष्टुपुर स्थित सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल ने सीनियर ब्लॉक में वर्ष 2022 का एनुअल स्पोर्ट्स डे मनाया। वहीं एनुअल स्पोर्ट्स डे में बतौर मुख्य अतिथि डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर अविनाश कुमार त्रिपाठी ने शिरकत की।इस दौरान उनके साथ स्कूल के प्राचार्य फादर वर्णन डिसूजा और फादर मनोज तिग्गा भी मौजूद रहे।
एनुअल स्पोर्ट्स डे के लिए सुबह 7:30 बजे से ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर स्कूल परिसर में पहुंचने लगे। जिसके बाद सुबह 8:30 बजे मुख्य अतिथि और स्कूल के प्राचार्य ने संयुक्त रूप से स्कूल का झंडा फहराने के साथ-साथ मशाल जलाकर खेल की शुरुआत की।मौके पर मुख्य अतिथि अविनाश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। इसलिए सभी को खेलना बहुत जरूरी है।खेल को खेल की भावना से ही खेलना चाहिए। खेलने में हार नहीं होती। बल्कि उससे सीख मिलती है। जिसके बाद हम और मेहनत कर सफलता हासिल करते हैं। कोरोना महामारी के कारण बच्चे खेल से दूर हो गए हैं। मगर अब हमें पुनः उन्हें खेल के प्रति जागरूक करना होगा। जिससे वे स्वस्थ रहकर जीवन की हर सफलता हासिल करें। उन्होंने बच्चों को खेल के लिए शुभकामनाएं भी दी।
इस दौरान स्कूली बच्चों ने शानदार मार्च पास्ट का प्रदर्शन किया। साथ ही गुलाबी और सफेद रंग के कपड़ों में परी जैसी परिधानों में सजी हुई बच्चियों द्वारा प्रस्तुति दी गई।वेलकम डांस ने मुख्य अतिथि समेत अभिभावकों का मन मोह लिया। जबकि बच्चों द्वारा की गई अमरेला डांस की सभी ने खूब प्रशंसा की। छोटे छोटे बच्चों द्वारा ड्रिल भी प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने रेस, बैलून बस्ट एंड रन, बॉल रन विद स्केल, रेडी टू फादर फॉर ऑफिस, क्लीन रेस समेत अन्य खेलों में हिस्सा भी लिया।
इस दौरान टोपाज हाउस को ओवरऑल चैंपियन घोषित किया गया। जिसके तहत स्कूल के प्राचार्य वर्णन डिसूजा ने पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। साथ ही रूबी हाउस दूसरे और एमराल्ड हाउस तीसरे स्थान पर रही। जबकि सफायर हाउस ने मार्च पास्ट में अपना परचम लहराया। अंततः राष्ट्रगान के साथ 11:30 बजे सेंट मैरी इंग्लिश हाई स्कूल जूनियर ब्लॉक का एनुअल स्पोर्ट्स डे का समापन हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल की वाइस प्रिंसिपल सिस्टर सीमा, सिस्टर इलिया, सिस्टर पुष्पा, कोऑर्डिनेटर सुषमा तिर्की व जैकलीन, शिक्षिका माजरी लेक, शशि, विजया, अनीता, लोरेन और खेल शिक्षक सज्जाद के साथ साथ अन्य कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।





