संवाददाता,सिंदरी। गौशाला ओपी क्षेत्र के स्टील ऑथरिटी ऑफ इंडिया की महत्वाकांक्षी परियोजना तासरा ऑपेन खदान परियोजना में इन दिनों कोयला का लूट चर्मोत्कर्ष पर है। अवैध कोयला खनन करने वाले सैकड़ों महिला-पुरूष कोयला खनन कर बोरी में भरकर परियोजना स्थल पर एवं आसपास के क्षेत्र में जमा करते हैं। करीब 20 से ज्यादा जगहों पर विभिन्न लोगों द्वारा कांटा लगाकर कोयले की खरीद-विक्री की जाती है, जिसे बाद में बड़े कोयला व्यवसायियों को बेचा जाता है।
झरिया अंचलाधिकारी परमेश कुशवाहा के निर्देश पर सुबह गौशाला ओपी पुलिस के द्वारा छापेमारी कर चार वाल्वो अवैध कोयला जप्त कर थाना लाया गया, जबकि परियोजना एवं आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों टन कोयला अभी भी जमा है।अंचलाधिकारी ने बताया की अवैध कोयला बालू पर छापेमारी जारी रहेगा,जो अवैध कोयला एवं बालू का धंधा करेंगे, उन पर विधिपूर्वक कार्यवाही की जाएगी।अवैध कोयला पर छापामारी कर सिर्फ कोरम पूरा किया गया। एक माह के अंदर में अंचलाधिकारी झरिया द्वारा तीसरी बार अवैध कोयला पर छपेमारी किया गया है।
छापेमारी गौशाला ओपी प्रभारी के कहने पर एएसआई जय मसीह लकड़ा के देखरेख में किया गया। अवैध खनन करने वाले लोगों द्वारा पत्थर भी चलाया गया।गौशाला ओपी के एएसआई लकड़ा ने कहा कि कोर्ट जाना है कह कर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटे, जिसके बाद एल बी सिंह के लोग सेल के शिफ्ट इंचार्ज नागेन मंडल एवं उनके सहयोगियों पर ग्रामीणों ने पथराव करना शुरु कर दिया। मंडल ने सेल अधिकारी मांझी से सहयोग की गुहार लगाई पर कोई सहयोग ना मिलने के कारण उन्हें भी अपने सहयोगियों के साथ वापस लौटना पड़ा। जबकि परियोजना क्षेत्र में अवैध कोयला का खनन एवं भंडारण एक आश्चर्यजनक बात है। सेल के अधिकारी, सुरक्षा प्रहरी सभी के नजर के सामने राष्ट्रीय संपति कोयला की चोरी प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है कि सैकड़ों टन कोयला चोरी कैसे हो रहा है और साथ ही परियोजना के बिभिन्न जगहों पर संग्रहण भी हो रहा है।कोयला चोरी पर बात करने पर सेल के पदाधिकारी कहते हैं पुलिस प्रशासन के सहयोग से अवैध खनन रोकने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व में कई लोगों पर कोयला चोरी का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।





