नई दिल्ली: भारतीय खेल जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के जाने-माने पैरा एथलीट नीरज यादव का निधन हो गया है। 42 वर्षीय नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। इस अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उनका शव अस्पताल में है, जहाँ पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस अचानक और झकझोर देने वाली घटना से पूरे खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
क्या थी आत्महत्या की वजह?
भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नीरज का इस तरह जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हालांकि, आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हो सका है।
- डोपिंग बैन का तनाव: मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, नीरज यादव इस साल आइची नगोया में हुए एशियाई पैरा खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे, क्योंकि उन पर डोपिंग को लेकर प्रतिबंध (Ban) लगा हुआ था। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस बैन और खेल से दूर रहने के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रहे थे।
- कोच की प्रतिक्रिया: मुख्य कोच ने कहा कि हालांकि उन्हें आत्महत्या की सटीक वजह ज्ञात नहीं है, लेकिन एक खिलाड़ी को जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना हमेशा धैर्य के साथ करना चाहिए।
प्रेरणादायक रहा है नीरज यादव का सफर
नीरज यादव भारत के सबसे प्रतिभाशाली और सफल पैरा-एथलीटों में से एक थे। उनका जीवन संघर्ष और सफलता की एक अनूठी मिसाल रहा है:
- बचपन का संघर्ष: मात्र 7 वर्ष की कम उम्र में ही नीरज पोलियो का शिकार हो गए थे, जिसके कारण उनके शरीर का निचला हिस्सा प्रभावित हुआ था।
- खेल में शुरुआत: शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने सबसे पहले 'व्हीलचेयर टेनिस' खेलना शुरू किया और बाद में पैरा-एथलेटिक्स में कदम रखा, जहाँ उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई।
- F55 कैटेगरी: नीरज F55 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करते थे, जिसमें शॉट पुट (गोला फेंक), डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) और जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) जैसी बैठकर खेली जाने वाली स्पर्धाएं शामिल हैं।
एशियाई पैरा खेलों में जीते थे 3 स्वर्ण पदक
नीरज यादव ने अपने शानदार करियर के दौरान देश के लिए कई गौरवशाली पल हासिल किए। उन्होंने एशियाई पैरा खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे:
- वर्ष 2018 (जकार्ता एशियाई पैरा खेल): भाला फेंक (Javelin Throw) स्पर्धा में स्वर्ण पदक।
- वर्ष 2023 (हांगझोउ एशियाई पैरा खेल): इस संस्करण में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए भाला फेंक और चक्का फेंक दोनों स्पर्धाओं में दो गोल्ड मेडल देश की झोली में डाले थे।
देश के लिए सर्वोच्च स्तर पर पदक जीतने वाले एक दिग्गज खिलाड़ी का इस प्रकार चले जाना भारतीय खेल बिरादरी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
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