नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में मंगलवार (27 अक्टूबर, 2026) को कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मजबूत होने और ग्लोबल सर्राफा बाजारों में कमजोरी के चलते चांदी की कीमत 4,000 रुपये गिरकर 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। यह पिछले 10 महीनों से अधिक समय में चांदी का सबसे निचला स्तर है। इससे पिछले सत्र में चांदी 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

वहीं, सोने की चमक भी फीकी पड़ी है और इसमें 500 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है।

सोने और चांदी के ताजा दाम (प्रति किलोग्राम और प्रति 10 ग्राम)

  • चांदी के दाम: ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, सभी करों सहित चांदी की कीमत अब 1,98,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है। इससे पहले 16 दिसंबर को चांदी का भाव 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम था।
  • सोने के दाम: 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 500 रुपये घटकर 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर आ गई है। सोमवार को सोना 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

विदेशी बाजारों का हाल और विशेषज्ञों की राय

ग्लोबल मार्केट्स में भी कीमती धातुओं पर दबाव साफ देखा जा रहा है:

  • अंतरराष्ट्रीय कीमतें: हाजिर सोना (स्पॉट गोल्ड) मामूली गिरावट के साथ 4,011.44 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी 1 प्रतिशत से अधिक लुढ़ककर 53.41 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुँच गई है।
  • विशेषज्ञों का विश्लेषण:
    • LKP सिक्योरिटीज के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतिन त्रिवेदी का कहना है कि डॉलर की मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोना दबाव में है। निकट भविष्य में सोने की कीमतें 1.40 लाख से 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं।
    • मुद्रेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 3 महीने के निचले स्तर 3,975 डॉलर प्रति औंस तक गोता लगाने के बाद अब 4,000 डॉलर के आसपास स्थिर होने की कोशिश कर रहा है।
    • लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने बताया कि चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले कमजोर है और 54 डॉलर प्रति औंस से नीचे बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है।

US फेड रिजर्व की बैठक पर टिकी निवेशकों की नजरें

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US फेड रिजर्व) की मौद्रिक नीति बैठक और उसके फैसलों पर निर्भर करेगी।

HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने बताया कि फेड रिजर्व की बैठक से पहले निवेशक पूरी तरह सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। यदि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में एक और 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करता है, तो कीमती धातुओं की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव और गिरावट का दौर देखने को मिल सकता है।

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