वाराणसी।देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में देव दीपावली के पर आज देवलोक उतर आएगा।देव दीपावली पर विश्व आज आध्यात्मिक नगरी काशी का नव्य स्वरूप निहारेगा।शाम ढलते ही उजालों की सुनामी से काशी जगमगा उठेगी।दीपमालाएं आज इठलाएंगी।देव दीपावली इस बार नव्य स्वरूप में देवताओं के साथ ही काशी के लोगों के लिए भी अनोखी होगी।इस बार घाट,कुंड और सरोवरों पर 21 लाख दीयों की रोशनी दीप मालिकाओं का स्वर्णिम संसार रचेगी।





देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी समेत देश-विदेश के लोग देव दीपावली के अद्भुत पलों के साक्षी बनेंगे।आध्यात्मिक नगरी काशी पूरे साल तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से गुलजार रहती है,लेकिन देश-विदेश के पर्यटकों को कार्तिक पूर्णिमा का खास तौर से इंतजार रहता है,क्योंकि देव दीपावली पर असंख्य दीयों की रोशनी से नहाए हुए काशी के घाट आसमान में टिमटिमाते हुए तारों की तरह नजर आते हैं।आज देव दीपावली के भव्य आयोजन को लेकर जबरदस्त तैयारी है।





मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीए) देशों से रूस के एक व किर्किस्तान के दो सदस्य इस बार देव दीपावली में मेहमान होंगे। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने बताया कि सरकारी इमारतों, सभी चौराहों और पोलों पर स्पायरल तिरंगा एलईडी लाइटिंग लगाई गई है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन,बस स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों का स्वागत किया जाएगा। रंगोली, फसाड लाइट और बिजली की लड़ियों से सजावट किया गया है।





डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से 10 लाख दीप और काशीवासियों के सहयोग से 11 लाख दीपक जलाए जाएंगे।अस्सी घाट से सामने घाट तक 108 स्थानों पर देव दीपावली महोत्सव होगा। डीएम ने बताया कि काशी के पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के तहत ग्रामीण व शहरी इलाकों में 101 स्थानों पर देव दीपावली महोत्सव का आयोजन पहली बार होगा।अमृत महोत्सव में 75 वर्ष पर रंगोली, चित्र, पोस्टर की सजावट होगी।





50 टन फूलों से सजा श्री काशी विश्वनाथ का धाम





श्री काशी विश्वनाथ धाम में पहली बार देव दीपावली के भव्य आयोजन की तैयारी है।गंगा द्वार से लेकर बाबा की चौखट तक पग-पग पर फूलों की खूशबू और खूबसूरती श्रद्धालुओं का मन मोह रही है।धाम को फूलों से विशाखापत्तनम के एक श्रद्धालु द्वारा 50 टन फूलों से बाबा दरबार सजाया-संवारा जा रहा है। सजावट ऐसी है कि धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को लोकार्पण समारोह की यादें जेहन में फिर से ताजा हो जाएंगी।





चेतसिंह घाट पर लेजर शो-3D प्रोजेक्शन मैपिंग





देव दीपावली पर पहली बार चेतसिंह घाट की दीवारों पर थ्री डी प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिये धर्म का व्याख्यान होगा। आध्यात्मिक नगरी काशी आने वाले पर्यटक मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण और देव दीपावली की कथा सुन सकेंगे। गंगा की गोद में लेजर और लाइट मल्टीमीडिया शो के माध्यम से देवाधिदेव महादेव के भजनों की प्रस्तुति भी होगी। 20 मिनट का शो कई बार दिखाया जाएगा, जिससे देव दीपावली पर काशी के घाटों पर आने वाले सभी श्रद्धालु देख सकेंगे।





गंगा पार रेती पर कोरियोग्राफ फायर क्रैकर्स शो





श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के सामने गंगा पार रेती पर पर्यटकों को कोरियोग्राफ फायर क्रैकर्स शो देखने का भी आनंद मिलेगा। ये फायर क्रैकर शो आतिशबाजी का बिल्कुल नया कंसेप्ट है। ये एक खास ज्योमेट्रिकल फॉम में होगी। यह शो शाम 7 बजकर 40 मिनट से शुरू होगा।





एक लाख दीयों से जगमगाएगा दशाश्वमेध घाट





गंगा सेवा निधि की ओर से देव दीपावली महोत्सव अमर वीर योद्धाओं को समर्पित होगा। आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद को समर्पित महोत्सव के साथ ही आकाशदीप का भी समापन होगा।आज कार्तिक पूर्णिमा पर अमर वीर योद्धाओं को भगीरथ शौर्य सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। एक लाख दीयों से घाट और भवनों का कोना-कोना जगमग होगा।





शहर में छह जगह से होगा लाइव प्रसारण





देव दीपावली पर विश्व विख्यात आध्यात्मिक नगरी काशी के घाट की आरती और सजावट शहर के कई स्थानों से सजीव देखा जा सकेगा।योगी सरकार ने इसके लिए छह प्रमुख स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं के लिए रियल टाइम आरती देखने के लिए एचडी कैमरे लगाए गए हैं। एलईडी स्क्रीन अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, राजघाट, गोदौलिया मल्टी लेवल पार्किंग व वाराणसी

कैंट स्टेशन के पास लगा है।





काशी की विभूतियों को किया जाएगा याद





देव दीपावली समितियों ने भी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी है। समितियों ने निर्णय लिया है कि काशी से जुड़े महान सपूतों को पहला दीप अर्पित करेंगे। अस्सी घाट पर महामना मदन मोहन मालवीय, तुलसी घाट पर गोस्वामी तुलसीदास, हरिश्चंद्र घाट पर डोम राजा, सिंधिया घाट पर तैलंग स्वामी और स्वामी विवेकानंद जैसी विभूतियों के चित्र लगाए जाएंगे। इसके अलावा संगीतकार भारत रत्न पं रविशंकर, भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां, पद्मविभूषण पं किशन महाराज, पद्मविभूषण गिरिजा देवी, पद्मभूषण पं राजन मिश्रा, साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद, मुंशी प्रेमचंद के भी चित्र लगेंगे।





होटल से लेकर क्रूज तक सब हाउसफुल





सोमवार की शाम 10 लाख दीये काशी में गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित लगभग 84 घाटों पर जलाए जाएंगे,जबकि पूर्वी तट पर रेत पर भी दो लाख दीप रोशन होंगे। इसके अलावा पूरे शहर में तकरीबन 11 लाख दीप काशीवासी जलाएंगे। देव दीपावली पर होटल, गेस्ट हाउस, नाव, बजरा, बोट व क्रूज की पहले से ही प्री बुकिंग हो चुकी है।