प्रतिनिधि,गिरिडीह। जिले में डुमरी थाना और निमियाघाट थाना इलाकों में इन दिनों पोड़ा कोयला की आड़ में कच्चे कोयले का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिससे सरकार को राजस्व की तो हानि हो ही रही है, साथ ही राष्ट्रीय संपत्ति की लूट जमकर की जा रही है।बता दें कि बोकारो के फुसरो के रास्ते नावाडीह होते हुए निमियाघाट क्षेत्र के खाकी होते हुए झारखंड काॅलेज के मार्ग से पारसनाथ रेलवे स्टेशन के आसपास पंजाबी टोला, इसरी बस स्टैंड और डुमरी में धड़ल्ले से अवैध कोयले का कारोबार किया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक दिन दर्जनाधिक ऑटो तथा वैन से माल गिरा कर बोलेरो पिकअप वाहन से कोयला कोडरमा भेजा जा जाता है।साथ ही इस क्षेत्र के लाइन होटलों में भी आपूर्ति की जाती है।इस अवैध कारोबार में उक्त क्षेत्र के कतिपय लोग शामिल हैं, जिसे फुसरो से संतोष नामक व्यक्ति टेम्पों से बोरियों में भरकर यात्री सीट के नीचे छुपाकर भेजता है। जिसपर अंकुश लगाने की आवश्यकता है,लेकिन ना जाने क्यों दोनों थानों की पुलिस अपनी आंखें बंद किए हुए हैं।हाल के दिनों में धनबाद के रास्ते से ट्रकों से कोयले का अवैध धंधा करने वालों के विरूद्ध क्षेत्र की पुलिस पूरी कड़ाई से कार्रवाई की है। साथ कई ट्रकों को पकड़ने में सफलता भी पायी है। लेकिन टेम्पों और बाइकों से प्रत्येक दिन की अहले सुबह होने वाले कोयले के अवैध कारोबार पर कार्रवाई नहीं करना कई सवाल खड़े करते हैं।
बता दें कि अहले सुबह और शाम के समय दर्जनों बाइक चालक द्वारा कच्चा कोयला का ढुलाई कर धंधेबाजों के सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचा दी जाती है।दर्जनों बाइकों में ले जाते कोयला को डुमरी थाना क्षेत्र के बेरमो मोड़,वनांचल चौक से जाते,भरखर के रास्ते और निमियाघाट थाना क्षेत्र के बाराडीह के रास्ते आसानी से देखा जा सकता है।इसी प्रकार बोकारो जिले के फुसरो से आने वाले दर्जनों टेम्पू में भी कोयले की बोरियां धड़ल्ले से लादे जाते हैं।हालांकि दोनों थाना की पुलिस ऐसे अवैध कारोबार के संचालन से इंकार करते हैं। लेकिन सच्चाई इससे इतर है।





