कानपुर के इंदिरा नगर स्थित डिविनिटी होम अपार्टमेंट में पत्नी और दो बच्चों का कत्ल कर फरार हुए डॉक्टर सुशील का शव पुलिस ने वारदात के दसवें दिन डॉ. रविवार को जाजमऊ गंगा पुल के पास से बरामद किया। डॉक्टर की जेब से उनका पर्स मिला।पर्स में परिचय पत्र, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और कुछ पैसे और दो पत्ते नशीली गोलियां भी मिली है। ये वही गोलियां हैं जिसका डॉक्टर आदी था।पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज के फोरसिंक विभाग के हेड डॉ. सुशील कुमार पत्नी चंद्र प्रभा, बेटा शिखर तथा बेटी खुशी के साथ इंदिरा नगर स्थित डिविनिटी होम अपार्टमेंट की पांचवी मंजिल पर अपने फ्लैट में रहते थे।इनकी पत्नी चंद्र प्रभा चौबेपुर ब्लाक के गोगूमऊ जूनियर हाईस्कूल में हेड मास्टर थीं।बेटा शिखर क्लैट की तैयारी कर रहा था, बेटी खुशी दसवीं की छात्रा थी। सुशील कुमार ने तीन दिसंबर को पत्नी की हथौड़े से हत्या कर दी थी और बच्चों को नशीली गोली खिलाकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस फरार डाॅक्टर की तलाश कर रही थी।

डॉक्टर सुशील कुमार ने फरार होने से पहले अपने भाई डॉ. सुनील को व्हाटएप मैसेज के जरिए जानकारी दी थी।अनहोनी की संभावना पर भाई डॉ. सुनील पहुंचे तो तीनों के शव मिले थे। परिजनों ने डिप्रेशन में हत्या की आशंका जाहिर की थी।डॉक्टर ने भी दस पेज के नोट में एक्यूट डिप्रेशन लिखा था और क‌ई तरह की अन्य बातें भी लिखीं थी। घटना के बाद डॉ. सुशील गंगा को अटल घाट पर देखा गया था लेकिन उसके बाद से लापता था। पुलिस गंगा में ही तलाश कर रही थी क्योंकि आखिरी लोकेशन सरसैया घाट पर मिली थी।

डॉक्टर को दस दिन से पुलिस खोज रही थी। जल पुलिस की एक टीम ने दोपहर में गंगा पुल के नीचे शव उतराता देखा तो सूचना दी। नजदीक से देखने पर शव डॉक्टर का पाया गया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बीबीजीटीएस मूर्ति, डीसीपी पश्चिम