प्रयागराज। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संगम नगरी से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से शुरू की गई कई महिला योजनाओं की शुरुआत करते हुए विपक्षी दलों पर जबरदस्त प्रहार किया।

पीएम मोदी ने समाजवादी पार्टी या फिर अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा कि पांच साल पहले उत्तर प्रदेश की सड़कों पर माफियाओं का राज था,सत्ता में गुंडों की हनक हुआ करती थी,इसका सबसे अधिक दर्द महिलाओं को सहना पड़ता था,उनके लिए सड़क पर निकलना मुश्किल था।महिलाएं जब थाने जाती थीं तो अपराधियों और बलात्कारियों को छुड़ाने के लिए किसी का फोन आ जाता था।आज योगी जी ने इन गुंडों को सही जगह पहुंचाया है,आज यूपी में सुरक्षा भी है और अधिकार भी हैं। इस नई यूपी को अब कोई वापस अंधेरे में नहीं ढकेल सकता।

पीएम मोदी ने कहा कि देश देख रहा है कि उत्तर प्रदेश में काम हो रहा है,उत्तर प्रदेश के विकास की धारा अब किसी के रोकने से रुकने वाली नहीं है। प्रदेश की माताओं-बहनों ने ठान लिया है कि अब वे पुराने दौर वापस नहीं आने देंगी। हमारे प्रयासों के चलते देश के कई राज्यों में बेटियों की जन्मदर में वृद्धि हुई है।महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 6 महीने किया गया है। बेटियों को स्कूल न छोड़ना पड़े, इसके लिए हमने बहुत से काम किए हैं। बेटियों के लिए स्कूलों में अलग से शौचालय बनवाने से लेकर सैनिटरी पैड्स बंटवाने तक का काम किया गया है।

पीएम मोदी कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 2.5 करोड़ बेटियों के नाम पर खाते खोले गए हैं। स्कूल, कॉलेज के बाद करियर से लेकर हर कदम पर महिलाओं की सुविधा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत भी सबसे ज्यादा लाभ हमारी बहनों को ही हुआ है। अस्पतालों में डिलिवरी से लेकर अन्य तमाम इलाज इस स्कीम के जरिए हो रहे हैं। पहले जीवन पर संकट रहता था अब पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने से उनकी यह चिंता दूर हो गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के समाज में हमेशा से महिलाओं को सर्वोपरि दर्जा दिया गया है,लेकिन एक ये भी सच्चाई है कि हमारे यहां परंपरा से सदियों तक ऐसी व्यवस्था रही कि घर और घर की हर संपत्ति पर पुरुषों का ही अधिकार समझा जाने लगा। घर है तो पुरुषों के नाम, खेत है तो पुरुषों के नाम,नौकरी और दुकान पर भी पुरुषों का हक रहा। आज हमारी सरकार की योजनाएं इस असमानता को दूर कर रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस योजना के तहत महिलाओं के नाम पर ही घर दिए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 30 लाख घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने हैं। इनमें से 24 लाख घरों की रजिस्ट्री में महिलाओं के ही नाम हैं। हमारी सरकार ने ही देश भर के सैनिक स्कूलों को लड़कियों के लिए खोलने का काम किया है। बलात्कार के मामलों के निपटारों के लिए हमने देश भर में 700 से ज्यादा फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया है।



पीएम मोदी ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने के लिए तीन तलाक कानून भी हमारी ही सरकार ने बनाया है। केंद्र सरकार ने एक और फैसला लिया है। पहले बेटों के लिए शादी की उम्र 21 साल थी और लड़कियों के लिए ये आयु सीमा 18 साल ही थी। इसलिए अब बेटियों के लिए शादी की उम्र 21 साल करने का प्रयास किया जा रहा है। देश ये फैसला बेटियों के लिए कर रहा है,लेकिन किसको इससे तकलीफ हो रही है। यह सब देख रहे हैं।

इसी बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का बयान भी सामने आया है। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस की ओर से लड़की हूं, लड़ सकती हूं अभियान शुरू किया गया था। इसी दबाव के कारण पीएम नरेंद्र मोदी ने यह आयोजन किया है।देश की शक्ति के आगे प्रधानमंत्री झुक गए।