पूर्वांचल सूर्य प्रतिनिधि,पालोजोरी।राज्य में प्रतिबंध के बावजूद इन दिनों अवैध लॉटरी का धंधा काफी फल-फूल रहा है। बताया जा रहा है की प्रखंड क्षेत्र के खागा इलाके में कई धंधेबाज इस कारोबार से जुड़े हुए हैं।लॉटरी का यह कारोबार सिंडिकेट बनाकर लॉटरी माफिया खुद के मार्का का 2 नंबर लॉटरी बाजार में खुले आम बेच रहा है।नागालैंड और सिक्किम स्टेट लॉटरी के तर्ज पर लॉटरी माफिया लॉटरी छापकर 6 रुपए मूल्य का लॉटरी 5 सेम,10 सेम,20 सेम,50 सेम,100 सेम और 200 सेम के संख्या में धड़ल्ले से खुले आम बेच रहे है।
खागा इलाके में इस अवैध कारोबार से दर्जनों बेरोजगार युवक जुड़े है जो कमिशीन लेकर लॉटरी बेचते है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस इलाके में चार से पांच लोग इस धंधे का मास्टर माइंड है और स्टॉकिस्ट भी है जो प्रतिदिन अपने एजेंट के माध्यम से लॉटरी की बिक्री करते है।लॉटरी के स्टॉकिस्ट दुमका और पाकुड़ से लॉटरी लाकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे है।
मालूम हो कि झारखंड में लॉटरी का कारोबार पूरी तरह से अवैध है।सरकार ने झारखंड में लॉटरी के किसी भी तरह की बिक्री को लेकर रोक लगा रखी है।इसके बावजूद इन क्षेत्रों में बेरोकटोक अवैध लॉटरी का कारोबार किया जा रहा है।इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि लोग अपनी गाढ़ी कमाई को भी गंवा रहे हैं।इस गोरखधंधे के जरिए लोग करोड़पति और लखपति बनने के चक्कर में अपनी गाढ़ी कमाई लूटा रहे है। बेरोकटोक और धड़ल्ले से अवैध लॉटरी का कारोबार काफी फल-फूल रहा है और बताया जा रहा है कि इन अवैध लॉटरी का ग्राहक मजदूर,बेरोजगार युवा वर्ग और आम लोग है,लेकिन प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि खागा,बगदाहा,चितरा मोड़,चांदनी चौक,फुटानी चौक,बरजोरी सहित कई जगहों पर सिंडिकेट के माध्यम से इस धंधे को चलाया जा रहा है।धंधे से जुड़े लोग नाम ना छापने की शर्त पर बताते हैं कि क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार लाखों में है। बताया जा रहा है कि किशोर,ललचंद कुमार,मोबिन और शाहरुख नाम का सरगना इस धंधे का मास्टर माइंड है। ये लोग संगठित गिरोह बनाकर धंधे को इस इलाके में अंजाम दे रहे है।
लॉटरी का धंधा प्रतिबंधित होने के बावजूद कारोबारी बेखौफ विभिन्न चौक-चौराहों पर लॉटरी खरीदते-बेचते आसानी से लोग देखे जा सकते हैं।धंधे से जुड़े लोग बताते हैं कि प्रतिदिन नागालैंड और सिक्किम स्टेट में होने वाले लॉटरी के परिणाम के आधार पर ही सिंडिकेट द्वारा चलाए जा रहे लॉटरी के अवैध कारोबार का परिणाम निकाला जाता है। विभिन्न सिंडिकेट द्वारा जारी लॉटरी में एक कोड द्वारा नंबर जारी किया जाता है जो ये बताता है की यह लॉटरी किस सिंडीसेट द्वारा जारी किया गया है।
इन क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर हो रहे अवैध लॉटरी कारोबार पर कोई लगाम नहीं लगाने की वजह से इन माफियाओं की चांदी है। एक और जहां लोग अपनी गाढ़ी कमाई लुटा कर लुटा रहे हैं। वहीं लॉटरी माफिया लखपति,करोड़पति बन रहे हैं।





