नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेटे और फोटोग्राफर रेहान वाड्रा के समर्थन में एक भावुक संदेश साझा किया है। यह प्रतिक्रिया तब आई है जब दिल्ली के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस में आयोजित रेहान की फोटोग्राफी प्रदर्शनी 'नो आइडिया इज फाइनल' से कथित तौर पर 70 से अधिक कलाकृतियों (तस्वीरें) को हटाए जाने का विवाद सामने आया। प्रबंधन का तर्क था कि इन तस्वीरों में कथित तौर पर राजनीतिक सामग्री और विरोध-प्रदर्शनों को दर्शाया गया था।

प्रियंका गांधी का भावुक संदेश

बेटे के समर्थन में सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच पर अपना संदेश साझा करते हुए प्रियंका गांधी ने लिखा:

"जब सत्ता में बैठा कोई व्यक्ति किसी दूसरे की अभिव्यक्ति से डरने लगता है तो उसे शायद इस बात का एहसास नहीं होता, लेकिन वह असल में उसी सत्ता को खो देता है जिसे वह बचाने की कोशिश कर रहा होता है।"

इसके आगे उन्होंने अपने बेटे का हौसला बढ़ाते हुए कहा, "तुम सच के साथ खड़े रहो और हर खूबसूरत चीज खुद-ब-खुद तुम्हारे पास आ जाएगी। मुझे तुम पर गर्व है और हमेशा रहेगा।" संदेश के अंत में उन्होंने हस्ताक्षर के रूप में खुद को "मम्मा" लिखा।

रेहान वाड्रा ने क्या लगाए आरोप?

फोटोग्राफर रेहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि बीकानेर हाउस के प्रबंधन ने उनकी प्रदर्शनी से उन तस्वीरों को हटाने का दबाव बनाया जिनमें दिल्ली में युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों को दिखाया गया था। इसके अलावा, उन्हें तिरंगे (राष्ट्रीय ध्वज) से जुड़ी दो तस्वीरों को भी हटाने के लिए कहा गया।

बुधवार को जारी अपने बयान में रेहान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज वाली तस्वीरों को हटाने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि अब यह प्रदर्शनी एक सीमित दायरे में ही जारी रहेगी, जबकि विरोध-प्रदर्शनों की तस्वीरों के पूरे संग्रह को प्रदर्शित करने के लिए वे किसी अन्य वैकल्पिक स्थान की तलाश कर रहे हैं।

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कांग्रेस नेताओं ने की कड़ी आलोचना

इस पूरी घटना को लेकर कांग्रेस पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है:

  • रॉबर्ट वाड्रा (प्रियंका गांधी के पति और रेहान के पिता) ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है।
  • राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी की लगभग आधी यानी 74 कलाकृतियों को 'राजनीतिक' होने का बहाना बनाकर हटवा दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर विरोध-प्रदर्शनों और तिरंगे को दर्शाने वाली तस्वीरों पर आपत्ति क्यों जताई जा रही है।
  • सांसद कार्ति चिदंबरम समेत अन्य नेताओं ने भी इस घटना को कला और कलाकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया है।

इस विवाद के बाद से सांस्कृतिक और राजनीतिक गलियारों में कलात्मक स्वतंत्रता, सेंसरशिप और अभिव्यक्ति के अधिकारों को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है।

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