रांची।राष्ट्रीय खेलों के आयोजन में 28.34 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने एक बार फिर शुक्रवार को कई दिग्गजों के ठिकानों पर छापेमारी की है। सीबीआई की ये छापेमारी तीन राज्यों में हुई।इसमें पहले खेल मंत्री बंधु तिर्की का आवास भी शामिल है। गुरुवार को भी सीबीआई ने बिहार, झारखंड,दिल्ली में 16 ठिकानों पर छापेमारी की थी।सीबीआई की छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है।सभी ठिकानों से बड़े पैमाने पर दस्तावेजों को जब्त किया गया हैं।सीबीआई के अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेज की छानबीन कर रहे हैं।
इस मामले में किसी भी क्षण आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकती है।
झारखंड, पटना और दिल्ली में एक साथ छापेमारी
गुरुवार को सीबीआई ने राजधानी रांची, धनबाद, बोकारो, गोड्डा और दुमका जिले में छापेमारी की थी। बिहार की राजधानी पटना और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छापेमारी हुई थी।इस घोटाले में सबसे बड़ा चेहरा पूर्व मंत्री बंधु तिर्की और आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष रहे आरके आनंद शामिल हैं। खेल संघ के कई अधिकारियों के ठिकानों पर भी कार्रवाई चलू है।गुरुवार को सीबीआई ने छापेमारी के दौरान भारी संख्या में दस्तावेज बरामद किए थे।छापेमारी के दौरान एनजीओसी के कार्यालय का ताला तोड़कर सीबीआई के अधिकारी अंदर घुसे थे।
इस घोटाले में झारखंड के तत्कालीन खेल निदेशक पीसी मिश्रा, आयोजन समिति के तत्कालीन संगठन सचिव एसएम हाशमी और झारखंड ओलंपिक एसोसिएशन के तत्कालीन कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक और उनके सहयोगी भी आरोपित हैं।आरोप है कि आरोपितों ने खेल आयोजन के लिए ऊंची कीमत पर खेल सामग्री खरीदी थी।यही नहीं काम्प्लेक्स निर्माण में भी अनियमितता बरती गई थी।ये आयोजन वर्ष 2011 में 22 से 26 फरवरी तक हुआ था। इसे 34वां राष्ट्रीय खेलों का आयोजन नाम दिया गया था। नियम दरकिनार कर आरोपितों ने बिना निविदा के ही सामग्री की खरीदारी की थी। मेगा स्पोटर्स कांप्लेक्स का निर्माण 206 करोड़ के बदले 424 करोड़ रुपए में कराया था। बिना निविदा के बिरसा मुंडा एस्टोटर्फ हाकी स्टेडियम में 11 करोड़ की लागत से हाई मास्ट लाइट लगाने का काम किया था। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों पर एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर 22 अप्रैल 2022 को सीबीआइ में दो प्राथमिकियां दर्ज हुई थीं। आरोप है कि आरोपितों ने पद का दुरुपयोग किया। विश्वासघात किया। धोखाधड़ी की। आपराधिक साजिश रची। फर्जी दस्तावेज पेश कर रुपयों की निकासी की।





