नई दिल्ली: डिजिटल युग में स्कूली छात्र और बच्चे अपनी पढ़ाई तथा जिज्ञासाओं का समाधान पाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल 'ChatGPT' का व्यापक रूप से उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, AI द्वारा प्रदान की जाने वाली संवेदनशील जानकारी के संभावित दुरुपयोग की आशंकाओं को देखते हुए OpenAI ने 18 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स के लिए सुरक्षा नियमों को अत्यधिक सख्त करने की घोषणा की है।

कंपनी के नए दिशा-निर्देशों के तहत अब ChatGPT बच्चों को हथियारों और सुरक्षा प्रणालियों (Security Systems) से जुड़ी ऐसी कोई भी बारीक जानकारी प्रदान नहीं करेगा, जिसका उपयोग किसी को नुकसान पहुँचाने के लिए किया जा सकता हो।

पहले से और अधिक कड़े हुए नियम

OpenAI के अनुसार, ChatGPT पर पहले से ही बच्चों को हथियार खरीदने, प्राप्त करने या किसी प्रकार की हिंसा की योजना बनाने में मदद देने पर पूर्ण प्रतिबंध था। अब इस दायरे को और अधिक व्यापक कर दिया गया है:

  • सुरक्षा प्रणालियों की जानकारी पर रोक: हथियारों के संचालन और सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ी तकनीकी जानकारी को सीमित या पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है।
  • सकारात्मक मार्गदर्शन: हालांकि, यदि कोई बच्चा हिंसा रोकने, विवाद को शांत करने या किसी कठिन परिस्थिति से बाहर निकलने के लिए सलाह मांगता है, तो AI उसकी मदद करेगा और आवश्यकता पड़ने पर किसी विश्वसनीय वयस्क व्यक्ति से संपर्क करने की सलाह देगा।

बार-बार हिंसा से जुड़े सवाल पूछने पर चैट होगी बंद

नए सुरक्षा नियमों के तहत, यदि कोई यूजर ChatGPT के साथ बातचीत के दौरान लगातार हिंसा से जुड़े विषय उठाता है, तो सिस्टम बातचीत को वहीं रोक देगा।

यदि यह व्यवहार बार-बार दोहराया जाता है, तो OpenAI उस अकाउंट को अस्थायी रूप से निलंबित (Suspend) कर सकती है। उल्लेखनीय है कि पुराने बड़े हमलों या ऐतिहासिक घटनाओं में इस्तेमाल किए गए हथियारों और घातक उपकरणों की अत्यधिक विस्तृत जानकारी अब किसी भी उम्र के यूजर के लिए सीमित कर दी गई है।

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उम्र का आकलन और माता-पिता को अलर्ट

OpenAI ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली तैयार की है:

  • उम्र का निर्धारण: कंपनी यूजर के व्यवहार और बातचीत के पैटर्न का विश्लेषण करके उसकी उम्र का अनुमान लगाएगी। यदि यूजर 18 वर्ष से कम आयु का प्रतीत होता है, तो उसे स्वतः ही 'टीन वर्जन' (Teen Version) पर रीडायरेक्ट कर दिया जाएगा।
  • पैरेंटल नोटिफिकेशन: यदि किसी नाबालिग यूजर की चैट को हिंसा से जुड़ी बातचीत के कारण रोका या ब्लॉक किया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत उसके माता-पिता (Parents) को भेजी जाएगी।
  • उम्र सत्यापन (Age Verification): यदि किसी वयस्क यूजर को गलती से नाबालिग समझ लिया जाता है, तो वह 'Persona' सत्यापन प्रणाली के जरिए अपनी वास्तविक आयु साबित कर सकेगा।

सुरक्षा एजेंसियों को भेजे जा रहे हैं मामले

OpenAI के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में हिंसा और गंभीर खतरों से जुड़े सवालों के आधार पर 200 से अधिक मामले सीधे कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) को सौंपे गए हैं। कंपनी इन नए सुरक्षा फीचर्स को आने वाले कुछ हफ्तों में वैश्विक स्तर पर सभी यूजर्स के लिए चरणबद्ध तरीके से लागू करने जा रही है।

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