प्रतिनिधि,साहिबगंज। अनुमंडल राजमहल क्षेत्र के अंचल बरहरवा तथा राजमहल में बड़े पैमाने पर दाखिल - खारिज में राजस्व कर्मचारी की मनमानी जमीन की रसीद, रैयतों के नाम का उलट-पुलट तथा दाखिल खारिज के नाम पर अवैध रूप से मोटी रकम लेकर रैयतों का नाम विलुप्त कर देने का एक नायाब मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ऐसा ही एक कारनामा बरहरवा अंचल के राजस्व कर्मचारी निरंजन रजक ने किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निरंजन रजक वर्षो से बरहरवा अंचल में ही जमे हुए हैं। एक ही जगह वर्षो से नियुक्त होने के कारण वे पूरे अंचल में अपना एक अलग ही वर्चस्व बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। वहीं राजस्व कर्मचारी निरंजन रजक समेत नौ लोगों को अभियुक्त बनाते हुए न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी, राजमहल में अभियोगी मुरसेद शेख, पिता सुखू शेख, साकिन- सिरासिन, थाना- बरहरवा ने एक परिवाद वाद दाखिल किया है।इसके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत बरहरवा थाना में भी प्राथमिकी दर्ज हुआ है। केस में अभियुक्त बदरुल शेख, हाबु शेख, इनसान शेख व नौशाद शेख सहित चारों अभियुक्तों की पत्नी रेणु बीबी, नासीमा खातून, आमेला बीबी सूरजमान बीबी सहित बरहरवा अंचल के राजस्व कर्मचारी निरंजन रजक को अभियुक्त बनाया गया है।
आरोप है कि राजस्व कर्मचारी निरंजन रजक ने अभियुक्तों से मिलकर अंचल बरहरवा अंतर्गत मौजा सिरासिन, जमाबंदी नंबर 128, दाग नंबर 295, कुल रकबा 35 डिसमिल जमीन है, जो स्वर्गीय अमजाद शेख, सुखु शेख,जलाउद्दीन शेख, पिता स्वर्गीय इनजात शेख के नाम से पंजी 2 में दर्ज है। उपरोक्त अभियुक्तों ने जानबूझकर यह जानते हुए कि यहां संयुक्त दखल कब्जा की जमीन है फिर भी बरहरवा अंचल के राजस्व कर्मचारी निरंजन रजक के सहयोग से वर्ष 2020 को सुखु शेख तथा जलालुद्दीन शेख के नाम पंजी 2 से विलोपित कर दिया गया। यही नहीं षडयंत्र रचकर अमजाद शेख के नाम से खजाना रसीद भी काट दिया गया और इस खजाना रसीद को आधार बनाकर उपरोक्त अभियुक्तगण अपनी - अपनी पत्नी के नाम से अपने हिस्से से अधिक जमीन हड़पने की नीयत से निबंधित कार्यालय राजमहल में जाकर निबंधित करवा लिया और निबंधित कराने के बाद उक्त जमीन को खाली और दखल करने के लिए अभियोगी मुरसेद शेख के घर में घुसकर जमीन खाली करने का दबाव बनाया।साथ ही मारपीट भी किया और पत्नी के साथ छेड़छाड़ भी किया। इस बात को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर पंचायती भी हुई, लेकिन पंचायत की बात नहीं मानी। वहीं राजमहल व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता संत कुमार घोष ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 380, 307, 354, 386, 427, 420, 452, 467, 468, 471, 504/34 के तहत एक परिवाद दाखिल किया गया है। जबकि बरहरवा थाना में प्राथमिकी संख्या 53/2023 दर्ज कराई गई है।





