प्रतिनिधि,जमशेदपुर।पूर्वी विधानसभा क्षेत्र बारीडीह बस्ती स्थित भोजपुर काॅलोनी में नाली का चेम्बर जाम होने के साथ साथ सफाई न होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। जिससे लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं जानकारी पाकर विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि हरेराम सिंह ने जमशेदपुर अक्षेस विभाग से समस्या का समाधान करने का अनुरोध भी किया था। बावजूद इसके कोई कारवाई नहीं हुई। जबकि कई बार अनुरोध करने के बाद सफाई सुपरवाइजर ने स्थल का सर्वे तो किया। मगर सफाई करने की पहल नहीं की। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विधायक सरयू राय से संपर्क कर समस्या का समाधान करने की गुहार भी लगाई। जिसके बाद 26 दिसंबर को विधायक सरयू राय के निर्देश पर विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि हरेराम सिंह, भाजमो बारीडीह मंडल अध्यक्ष विजय नारायण सिंह और उपाध्यक्ष गौतम धर ने स्थानीय लोगों के साथ विभाग के सफाई सुपरवाइजर आरके शर्मा और सफाई संवेदक सुपरवाइजर अस्मित मंडल के साथ स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया। साथ ही सिटी मैनेजर क्रिस्टिना कच्छप को वस्तुस्थिति से अवगत भी कराया। वहीं सफाई सुपरवाइजर ने आश्वस्त किया था कि किसी भी हाल में इसकी सफाई मंगलवार को हो जाएगी। वहीं जब मंगलवार इसकी सफाई का काम ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा था तो सफाई संवेदक सह भाजपा नेता सुधांशु ओझा ने स्थल पर पहुंचकर काम को रोकते हुए काम नहीं करने की बात कही। जिसके बाद बारीडीह मंडल अध्यक्ष ने इसकी सूचना हरेराम सिंह को दी। जिसपर हरेराम सिंह ने विभाग के विशेष पदाधिकारी संजय कुमार को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मगर बहुत आश्चर्य की बात है कि जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी ने यह प्रतिक्रिया देकर फोन काट दिया कि सुधांशु ओझा से आपका क्या मतभेद है जो वे कार्य नहीं करना चाहते हैं। साथ ही थोड़ी देर बाद विशेष पदाधिकारी वापस फोन कर बोलते हैं कि नाली बनाते समय ही गलत तरीके से नाली का निर्माण किया गया गया है। जिसके कारण ही समस्या उत्पन्न हो रही है। जबकि विशेष पदाधिकारी का ऐसा गैर जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया हैरान कर देने वाला है। विशेष पदाधिकारी को संवेदक के प्रति इतनी हमदर्दी क्यों है कि जनहित की बात छोड़कर 7 वर्ष पूर्व निर्माण किए गए नाली का दोष वे निकाल रहे हैं। जबकि उक्त नाली का निर्माण जमशेदपुर अक्षेस विभाग द्वारा ही किया गया था। इतने संवेदनशील मामले में विशेष पदाधिकारी को स्वयं निर्देश देकर नाली की सफाई करवानी चाहिए। ताकि वहां के स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।





